उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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डिजिटल होगी ठेकों की नीलामी
बरेली नगर निगम ने कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए एक अहम बदलाव किया है। अब शहर की सब्जी मंडियों और वाहन पार्किंग जैसे सभी प्रमुख ठेकों की नीलामी पारंपरिक ऑफलाइन तरीके से नहीं होगी। नगर निगम प्रशासन ने अब पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए भारत सरकार के जीईएम (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
क्यों जरूरी था यह बदलाव
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि पुरानी व्यवस्था में ऑफलाइन प्रक्रिया के कारण सीमित प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती थी। नीलामी में कम भागीदारी होने से निगम को उचित राजस्व नहीं मिल पा रहा था और अक्सर पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े होते थे। अब ई-नीलामी व्यवस्था लागू होने से न केवल अधिक लोग इसमें हिस्सा ले सकेंगे, बल्कि भ्रष्टाचार और पक्षपात की आशंकाएं भी काफी हद तक कम हो जाएंगी।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
ठेकों के लिए आवेदन करने वाले इच्छुक व्यक्ति या फर्मों को निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:
- जीईएम पोर्टल पर अपने सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे।
- पैन कार्ड, आधार कार्ड और निवास प्रमाण-पत्र अनिवार्य हैं।
- जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी चरित्र प्रमाण-पत्र देना होगा।
- नगर निगम के राजस्व विभाग से प्राप्त नो-ड्यूज प्रमाण-पत्र जमा करना होगा।
- निर्धारित जमानत राशि को एफडीआर के रूप में नगर निगम के पक्ष में जमा करना होगा।
नगर निगम की टीम इन दस्तावेजों की जांच और सत्यापन करेगी। जो आवेदक पात्रता की शर्तों को पूरा करेंगे, केवल उन्हें ही ऑनलाइन बोली लगाने की अनुमति दी जाएगी।
ठेकों की शर्तें और राजस्व की उम्मीद
प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल बदलाव से नगर निगम की आय में वृद्धि होगी। नई व्यवस्था के तहत ठेकों की अवधि एक वर्ष की तय की गई है। साथ ही, अंतिम बोली मूल्य पर 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान अलग से करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल नए उद्यमियों को भी समान अवसर प्रदान करेगी, जिससे नगर निगम और आम जनता दोनों को फायदा होगा।
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