बारापुला फेज-III: जुलाई से गाजियाबाद, नोएडा और पूर्वी दिल्ली से एयरपोर्ट का सफर होगा आसान, सिग्नल-फ्री रहेगा 10 KM का रास्ता दिल्ली 3 महीने पहले 54
बारापुला फेज-III बनकर तैयार होने पर मयूर विहार और सराय काले खां सीधे एलिवेटेड रोड से जुड़ जाएंगे, जिससे गाजियाबाद, नोएडा और पूर्वी दिल्ली के लाखों लोग कम समय में दक्षिण दिल्ली होते हुए एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे।

राजधानी में सफर को सुगम बनाने वाली बारापुला फेज-III परियोजना के पूरा होने के बाद मयूर विहार और सराय काले खां के बीच सीधा एलिवेटेड रोड का संपर्क स्थापित हो जाएगा। इस सुविधा से गाजियाबाद, नोएडा और पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों को दक्षिण दिल्ली होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचने में पहले के मुकाबले काफी कम समय लगेगा। इसका सीधा असर दूसरी व्यस्त सड़कों पर भी पड़ेगा और वहां ट्रैफिक का दबाव घटेगा।

सिग्नल-फ्री होगा 10 किलोमीटर का सफर

इस कॉरिडोर के चालू होने के बाद मयूर विहार फेज-1 से एम्स तक का करीब 9 से 10 किलोमीटर का रास्ता पूरी तरह सिग्नल-फ्री यानी नॉन-स्टॉप हो जाएगा। वाहन चालकों को बीच रास्ते में बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे एयरपोर्ट तक आना-जाना और भी आसान हो जाएगा।

इन इलाकों के यात्रियों को सबसे ज्यादा लाभ

गाजियाबाद, नोएडा और पूर्वी दिल्ली से आने वाले यात्रियों को इस नई सड़क का सबसे अधिक फायदा मिलेगा। एयरपोर्ट के साथ-साथ दक्षिणी दिल्ली की ओर आने-जाने में भी इन यात्रियों का समय बचेगा।

अभी कैसा है हाल

मौजूदा समय में इन वाहनों को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 से होते हुए सराय काले खां तथा निजामुद्दीन क्षेत्र से गुजरना पड़ता है। यही वजह है कि इस इलाके में अक्सर भारी ट्रैफिक जाम लगा रहता है, जिसके चलते लोगों का समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होते हैं।

जाम से मिलेगी राहत

बारापुला फेज-III के शुरू हो जाने के बाद वाहन चालकों को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास लगने वाले जाम से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा। ऐसे में यह नया मार्ग एक बेहतर विकल्प साबित होगा।

और मजबूत होगी कनेक्टिविटी

बारापुला कॉरिडोर पहले से ही एम्स, आईएनए, लोधी रोड और रिंग रोड जैसे प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ता है। फेज-III के जुड़ने से गाजियाबाद, नोएडा और पूर्वी दिल्ली तथा इन अहम क्षेत्रों के बीच की कनेक्टिविटी और भी बेहतर हो जाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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