छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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विचारों
सियासी गलियारों में बलरामपुर घटना की गूंज
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में यादव समुदाय के कुछ युवकों के साथ हुई मारपीट की घटना ने अब प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी यानी SBSP के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरते हुए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। राजभर का कहना है कि अखिलेश यादव मुस्लिम और यादव यानी MY समीकरण के दम पर राजनीति करते हैं, लेकिन अब मुस्लिम मतदाताओं के खिसकने के डर से वे यादव युवकों की पिटाई पर भी पूरी तरह खामोश हैं।
अखिलेश यादव की चुप्पी पर उठाए सवाल
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सीधे तौर पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि उनकेMY समीकरण में अब दरार पड़ चुकी है, फिर भी वे अपनी चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं। राजभर ने बलरामपुर का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा कि वहां एक यदुवंशी को दूसरे समुदाय के लोगों ने पीटा है, जिसकी जानकारी अखिलेश यादव को निश्चित रूप से होगी, लेकिन वे इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
पीडीए को लेकर राजभर का कटाक्ष
राजभर ने समाजवादी पार्टी के पीडीए यानी PDA नारे को लेकर भी तंज कसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद पीडीए का नया अर्थ निकलकर सामने आया है, जिसका मतलब है 'पीट देगा अल्पसंख्यक'। उन्होंने दावा किया कि सपाई भीड़ ने सरेआम तीनों यदुवंशियों के साथ बेरहमी से मारपीट की है। राजभर का मानना है कि अखिलेश यादव का मुस्लिम समुदाय के सामने झुकना उनकी लाचारी को दर्शाता है और इसी कारण वे अपने ही समाज के लोगों के समर्थन में खड़ा होने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
ट्वीट के जरिए दबाव बनाने की कोशिश
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव से आग्रह किया कि वे कम से कम इस मामले पर अपनी बात रखें। उन्होंने लिखा कि यदि अखिलेश दोपहर 12.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, तो उन्हें इस मामले में भी अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को कम से कम सच बोलना सीखना चाहिए और केवल मुस्लिम वोटों के छिटकने के डर से चुप्पी साधना उचित नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव पहले से ही सनातन विरोधी छवि रखते हैं, लेकिन उन्हें कम से कम अपनी जाति के लोगों के प्रति तो वफादार होना चाहिए।
क्या थी पूरी घटना
बलरामपुर जिले के उतरौला थाना क्षेत्र में यह पूरी घटना सामने आई है, जहां मनीष यादव, प्रतीक यादव और आलोक यादव नाम के तीन युवकों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, गुलाम दरिया, इब्राहिम, अली रज़ा और फरमान नामक व्यक्तियों ने इन तीनों युवकों को घेर लिया। आरोपियों ने न केवल युवकों को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा, बल्कि उन्हें गंदी-गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकियां भी दीं। इस मामले में एक स्कूल के प्रबंधक अंसार का नाम भी सामने आया है, जिन पर पीड़ितों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल, यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है और राजनीतिक दल इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देकर एक-दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
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