छत्तीसगढ़: रामसहाय की साजिश से दहला खार्वे गांव, शराब में जहर मिलाकर ली 8 लोगों की जान छत्तीसगढ़ 2 महीने पहले 88
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक किराना दुकानदार ने निजी रंजिश के चलते 8 लोगों की हत्या कर दी। आरोपी ने शराब में जहर मिलाकर उन्हें मौत के घाट उतारा, जिसे ग्रामीण पहले दैवीय प्रकोप समझ रहे थे।

चार महीने, आठ मौतें और गहराता रहस्य

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित खार्वे गांव इन दिनों गहरी दहशत के साये में जी रहा है। करीब 1,000 की आबादी वाले इस छोटे से गांव में बीते चार महीनों के दौरान एक के बाद एक 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। फरवरी से लेकर मई के महीने तक जब लगातार लोग काल के गाल में समाते गए, तो ग्रामीणों को लगा कि शायद गांव पर कोई बड़ा संकट या दैवीय प्रकोप आया है। लोग इसे 'देवदोष' मानकर डरे हुए थे, लेकिन 22 जून को जब पुलिस ने इस मामले में 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को हिरासत में लिया, तो इस खौफनाक साजिश की परतें खुलती चली गईं।

शराब में जहर घोलने का खूनी खेल

आरोपी रामसहाय जायसवाल गांव में ही एक किराना दुकान का संचालन करता था। पुलिस की पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई कि वह पिछले कुछ महीनों से बड़ी ही चालाकी से अपने ही परिचितों की जान ले रहा था। उसका तरीका बेहद घातक था। वह स्थानीय स्तर पर मिलने वाली शराब की बोतलों में ‘सुहागा’ नामक जहर मिला दिया करता था। पुलिस के अनुसार, यह जहर इतना अधिक शक्तिशाली और जानलेवा था कि शराब का सेवन करने के महज 15 मिनट के भीतर ही पीड़ित की मौत हो जाती थी।

कैसे शुरू हुआ सिलसिलेवार मौतों का दौर

मौतों का यह काला अध्याय 7 फरवरी को बद्री पटेल (58) की मृत्यु के साथ शुरू हुआ। बद्री पटेल ने शाम के समय रामसहाय के साथ बैठकर शराब पी थी। अपने घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और वे मृत पाए गए। उस समय किसी को संदेह नहीं हुआ और डॉक्टरों ने इसे दिल का दौरा (हार्ट अटैक) मान लिया। इसके बाद से ही गांव में मौतों का सिलसिला चल पड़ा। चतुरम साहू (59), विनोद साहू (38), बुतलु राम साहू (60), बुधराम जायसवाल (60), गजानन मांझी, चैतूराम साहू और अंत में महेतरू साहू की भी रहस्यमयी मौतें हो गईं। हैरानी की बात यह है कि अधिकांश मामलों को प्राकृतिक मौत मान लिया गया, जिसके कारण उस समय पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया था। हालांकि, एक पीड़ित जो इस जहर के सेवन के बावजूद किसी तरह बच गया था, उसने पुलिस को पूरी घटना के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद जांच ने रफ्तार पकड़ी और रामसहाय सलाखों के पीछे पहुंच गया।

मामूली विवाद और पुरानी रंजिश

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि रामसहाय ने ये हत्याएं किसी बड़े मकसद के लिए नहीं, बल्कि मामूली विवादों और निजी रंजिश के चलते की थीं। कई मामलों में संपत्ति से जुड़े विवाद भी वजह बने। वह अक्सर उन्हीं लोगों को अपना निशाना बनाता था जिनके साथ उसके संबंध थे या जो अक्सर उसके साथ बैठकर शराब पिया करते थे। महानदी के तट पर बसा खार्वे गांव अब सन्नाटे में डूबा है। जहां पहले ग्रामीण पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर सुकून से गप्पें लड़ाते थे, वहां अब केवल इन हत्याओं और रामसहाय की क्रूरता की चर्चा हो रही है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे गांव के लोगों को थोड़ी राहत मिली है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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