बलिया में बिंदी और सत्तू का कारोबार शुरू करने के लिए मिलेगा 50 लाख रुपये तक का लोन, जानें सब्सिडी और आवेदन की पूरी प्रक्रिया उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 73
उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना के जरिए बलिया के युवा बिंदी और सत्तू निर्माण में अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। इस सरकारी योजना के तहत 50 लाख रुपये तक के ऋण पर आकर्षक सब्सिडी का लाभ मिल रहा है।

बलिया के युवाओं के लिए स्वरोजगार का शानदार अवसर

अगर आप उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में रहते हैं और रोजगार की तलाश में संघर्ष कर रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन खबर है। अब सरकार युवाओं को अपना खुद का उद्योग स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद दे रही है। बलिया की पहचान बन चुके बिंदी और सत्तू उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन और उद्योग विभाग आगे आए हैं। राज्य सरकार की एक जिला एक उत्पाद यानी ODOP योजना के अंतर्गत अब कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपना बिजनेस शुरू कर सकता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

उद्योग शुरू करने के लिए लोन और सब्सिडी की व्यवस्था

जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, बलिया के सहायक आयुक्त उद्योग रोशन अंबेडकर ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिंदी और सत्तू जैसे पारंपरिक उत्पादों के प्रसंस्करण और निर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार इस दिशा में वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, जिसकी जानकारी निम्नलिखित है:

  • 25 लाख रुपये तक का लोन: यदि कोई उद्यमी 25 लाख रुपये तक का ऋण लेता है, तो उसे कुल राशि पर 25% की भारी सब्सिडी दी जाती है।
  • 50 लाख रुपये तक का लोन: यदि व्यवसाय का विस्तार बड़ा है और उद्यमी 50 लाख रुपये तक का ऋण लेना चाहता है, तो उस पर 20% सब्सिडी का लाभ उपलब्ध है।

यह योजना उन सभी के लिए खुली है जो अपने क्षेत्र में कुछ नया करना चाहते हैं और स्थानीय उत्पादों की बाजार में मांग को देखते हुए अपना उद्यम खड़ा करना चाहते हैं।

आवेदन की पात्रता और प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ बुनियादी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। 18 वर्ष से ऊपर का कोई भी युवा अपना आवेदन जमा कर सकता है। सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया को लेकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब आवेदक अपनी उद्योग इकाई सफलतापूर्वक स्थापित कर लेता है, तो उसके दो साल बाद विभागीय स्तर पर सत्यापन किया जाता है। भौतिक सत्यापन के उपरांत ही सब्सिडी की राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में समायोजित कर दी जाती है, जो व्यवसाय के लिए बड़ी राहत साबित होती है।

ऐसे करें आवेदन और संपर्क

योजना के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। आवेदक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी साइबर कैफे या खुद के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवेदन का प्रिंटआउट और संबंधित दस्तावेज लेकर बलिया स्थित जिला उद्योग एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र के कार्यालय में संपर्क करना आवश्यक है। यह कार्यालय टीडी कॉलेज चौराहे के समीप स्थित है। वहां जाकर विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने से आवेदन प्रक्रिया में होने वाली त्रुटियों से बचा जा सकता है। सत्तू और बिंदी के व्यवसाय में सरकारी सहयोग मिलने से युवाओं के लिए एक नई राह खुली है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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