बागेश्वर: NH-109K पर भूस्खलन से आवाजाही ठप, जानें कौसानी और ग्वालदम जाने के सुरक्षित रास्ते उत्तराखंड एक घंटा पहले 3
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भारी बारिश के चलते NH-109K पर रवाईखाल के पास बड़े पैमाने पर मलबा आ गया है, जिससे यातायात बाधित है और प्रशासन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्गों की सलाह दी है।

बागेश्वर में मौसम की मार और सड़क संपर्क पर असर

बागेश्वर जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी क्रम में, रवाईखाल के समीप से गुजरने वाले NH-109K पर भारी भूस्खलन की घटना सामने आई है। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ जाने के कारण यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है। हालांकि प्रशासन और बीआरओ की टीम ने इसे वैकल्पिक तौर पर खोलने का प्रयास किया है, लेकिन पहाड़ी से रुक-रुक कर गिर रहे बोल्डर स्थिति को जोखिम भरा बनाए हुए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन को बीच-बीच में आवाजाही पूरी तरह से रोकनी पड़ रही है।

बीआरओ की युद्धस्तर पर बहाली की कोशिश

सड़क को बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ की टीम भारी मशीनों के साथ घटनास्थल पर तैनात है। कर्मचारी लगातार सड़क पर जमा मलबे को हटाने का काम कर रहे हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही को सामान्य किया जा सके। इसके बावजूद, रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण पहाड़ी का कटाव जारी है और दोबारा मलबा आने की संभावना बनी हुई है। जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे स्वयं इस पूरे रेस्क्यू और सड़क बहाली अभियान की मॉनिटरिंग कर रही हैं, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके और मार्ग को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाया जा सके। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि जब तक सड़क को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक इस मार्ग से अनावश्यक आवागमन से बचें।

ग्वालदम के लिए वैकल्पिक मार्ग की जानकारी

क्षेत्र पंचायत सदस्य मनीष कुमार ने ग्वालदम जाने वाले यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि रवाईखाल के पास मार्ग बंद होने की स्थिति में यात्री अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए अन्य रास्तों का रुख कर सकते हैं। ग्वालदम जाने के लिए बागेश्वर–बालीघाट–जखेड़ा–डंगोली मार्ग को सबसे उपयुक्त विकल्प बताया गया है। यात्रियों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय अधिकारियों से सड़क की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

कौसानी जाने के लिए दूसरा विकल्प

जो यात्री कौसानी की यात्रा पर जाना चाहते हैं, उनके लिए भी जिला प्रशासन ने रूट बदल दिया है। कौसानी पहुंचने के लिए अब यात्री बागेश्वर–गिरेछीना–सोमेश्वर मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के मौसम में भूस्खलन का खतरा सबसे अधिक रहता है, इसलिए ड्राइवरों को तेज गति से वाहन चलाने के बजाय बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

यात्रियों के लिए सुरक्षा संबंधी निर्देश

जिला प्रशासन ने सभी यात्रियों के लिए सुरक्षा के कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:

  • बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के करीब रुकने या सेल्फी लेने से बचें।
  • नदी और नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उनके किनारे जाने से बचें।
  • सड़क की स्थिति हर घंटे बदल सकती है, इसलिए यात्रा से पहले मार्ग की ताजा जानकारी लें।
  • यदि बहुत आवश्यक न हो, तो खराब मौसम के दौरान यात्रा टालना ही समझदारी है।
  • सड़क बहाली का कार्य जारी रहने तक प्रशासन द्वारा बताए गए वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।

यात्रियों की सुरक्षा ही जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए रवाईखाल में सड़क बहाली का कार्य पूरा होने तक धैर्य बनाए रखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप