राम मंदिर के दान में सेंधमारी में 5 से 6 कर्मचारी शामिल, दान पात्र से उड़ा रहे थे बड़ी रकम: सूत्र उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 21
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच कर रही एसआईटी के अनुसार इस गड़बड़ी में 5 से 6 कर्मचारी शामिल थे, जो दान पात्र से बड़ी रकम निकाल रहे थे। योगी सरकार ने 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित विश्वप्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का प्रकरण इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। इस पूरे मामले की पड़ताल एसआईटी कर रही है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से एक हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। अब तक की छानबीन में यह बात उजागर हुई है कि इस चोरी में शामिल कर्मचारियों की संख्या 5 से 6 के बीच थी।

सूत्रों के मुताबिक ये कर्मचारी पैसों की हेराफेरी कर रहे थे और इसकी पुष्टि ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने कैमरे की मदद से कर ली थी। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अब तक पुलिस में किसी तरह की औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। माना जा रहा है कि इस बीच आंतरिक स्तर पर जांच चल रही थी और इसी दौरान पूरा मामला सामने आ गया।

दान पात्र से निकाली जा रही थी रकम

बताया जा रहा है कि कर्मचारी दान पात्र से बड़ी मात्रा में पैसे निकाल रहे थे। फिलहाल मंदिर परिसर में करीब 40 दान पात्र लगे हुए हैं, जबकि मंदिर निर्माण के शुरुआती दौर में इनकी संख्या करीब 10 हुआ करती थी। पैसों की गिनती की प्रक्रिया में जुटे रहने वाले कर्मचारियों की कुल संख्या 50 थी, जिनमें ट्रस्ट की ओर से निगरानी करने वाले लोग भी शामिल थे।

एसआईटी कर रही गहन पड़ताल

चोरी के इस मामले की जांच में एसआईटी पूरी तरह जुट गई है। टीम सभी संदिग्धों के हाल के दिनों में हुए लेन-देन की जानकारी खंगाल रही है, चाहे वह किसी तरह का निवेश हो या फिर कोई बड़ा खर्च। यह चोरी आखिर कब से चल रही थी, यह अब तक की जांच का सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है और एसआईटी इस पहलू पर भी काम कर रही है।

अब तक मामले में क्या-क्या हुआ

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला उजागर होते ही तत्काल एसआईटी का गठन किया गया और जांच शुरू कर दी गई। योगी सरकार ने निर्देश दिया है कि इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट 15 दिन के भीतर सौंपी जाए। इसी क्रम में एसआईटी की टीम आज दूसरे दिन राम मंदिर पहुंचकर जांच में जुटी रही।

एसआईटी की टीम ने सोमवार को 42 से ज्यादा कर्मचारियों से पूछताछ की थी। इसके साथ ही ट्रस्ट से जुड़े लोगों से भी पूछताछ का सिलसिला जारी है।

राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव की भूमिका संदिग्ध

इस पूरे प्रकरण में राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव नाम के एक व्यक्ति की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है, जिसने इस मामले को लेकर अपनी बात रखी।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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