उत्तर प्रदेश
2 महीने पहले
73
विचारों
अयोध्या में पुलिस का सख्त रुख
अयोध्या में राम मंदिर के दान में हुई चोरी के मामले में पुलिस अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुकी है। रविवार के दिन पुलिस ने इस मामले में नामजद सभी आरोपियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य दान की गई राशि के हेरफेर की गहराई तक पहुंचना और उन लोगों तक कार्रवाई पहुंचाना है जो इस पूरी घटना में शामिल रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस ने न केवल आरोपियों के घरों की तलाशी ली बल्कि उनके परिजनों से पूछताछ कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी एकत्र किए हैं।
कई ठिकानों पर एक साथ दबिश
इस बड़े अभियान के तहत पुलिस ने एक साथ 10 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। जिन लोगों के घरों पर पुलिस पहुंची उनमें मुख्य रूप से टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, रामाशंकर मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और मनीष यादव के नाम शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी के परिसरों से बैंक से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी कागजात जुटाए हैं। पुलिस का लक्ष्य यह है कि दान में चोरी की गई पाई-पाई का सटीक हिसाब लगाया जा सके।
रामाशंकर मिश्रा के घर गहन छानबीन
पुलिस की एक टीम रामाशंकर मिश्रा के आवास पर भी पहुंची। बताया जा रहा है कि वहां पुलिस ने करीब 2 घंटे तक रामाशंकर के पिता और भाभी से गहन पूछताछ की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि रामाशंकर पिछले 2 साल से अपने पैतृक आवास पर नहीं रह रहा था, बल्कि वह किराए के मकान में शिफ्ट हो गया था। पुलिस पहले ही रामाशंकर को गिरफ्तार कर चुकी है और उसके पास से चोरी की रकम भी बरामद की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार उसके घर से कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं जो जांच की दिशा तय करने में मदद करेंगे।
रिश्तेदारों और परिजनों से पूछताछ
आरोपी टिन्नू यादव की बहन ने मीडिया के सामने दावा किया है कि उसके भाई को इस मामले में फंसाया जा रहा है। उसने कहा कि टिन्नू का स्वभाव बहुत अच्छा है और वह ऐसी हरकत नहीं कर सकता। वहीं, टिन्नू के भतीजे मनीष यादव के घर पर जब पुलिस पहुंची, तो घर पर ताला लगा हुआ था। पुलिस ने परिजनों को बुलाकर घर का ताला खुलवाया और अंदर छानबीन की। मनीष के पास से पुलिस पहले ही चोरी के 2 लाख रुपये बरामद कर चुकी है। पुलिस ने मनीष के पड़ोसियों से भी पूछताछ की ताकि आरोपी की गतिविधियों के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके।
महंगी बाइक और आर्थिक लेनदेन की जांच
जांच के दौरान एक और अहम पहलू सामने आया है। आरोपी लवकुश मिश्रा को लेकर उसके पड़ोसियों ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लवकुश ने करीब 3 से 4 महीने पहले ही 1 लाख 10 हजार रुपये नकद देकर एक नई बाइक खरीदी थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह बाइक मंदिर के चंदे से चुराई गई रकम से ही खरीदी गई थी। गौरतलब है कि लवकुश मंदिर में दान की गई राशि की गिनती का काम देखता था।
अब तक की बरामदगी
इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक कुल 8 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। इस दान गबन मामले में पुलिस ने अब तक कुल 79 लाख 85 हजार रुपये की बड़ी रकम बरामद की है। अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के मिल्कीपुर स्थित पैतृक आवासों पर भी पुलिस ने छापेमारी की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Comments
0 comment