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2 घंटे पहले
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विचारों
मौसम की मार और कार का बचाव
बदलते मौसम का असर सिर्फ हमारी सेहत पर ही नहीं, बल्कि हमारी पसंदीदा कार पर भी पड़ता है। भोजपुर जिले में कार मॉडिफिकेशन और केयर के एक्सपर्ट सौरभ तोमर का मानना है कि यदि समय रहते सही देखभाल न की जाए, तो नई से नई कार भी जल्द ही अपनी चमक खो देती है और पुरानी लगने लगती है। कार प्रेमियों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे मौसम के हिसाब से अपनी गाड़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करें। कुछ आसान सावधानियां बरतकर आप अपनी कार को वर्षों तक शो-रूम जैसी कंडीशन में रख सकते हैं।
बारिश और कीचड़ से ऐसे बचाएं कार
मानसून के दौरान कार का बाहरी हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। लगातार बारिश का पानी और सड़क पर जमा कीचड़ कार के पेंट को नुकसान पहुंचा सकता है। सौरभ तोमर के अनुसार, कीचड़ में मौजूद तत्व कार की बॉडी पर पड़ते ही पेंट की ऊपरी परत को प्रभावित करने लगते हैं, जिससे जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने का सबसे सरल तरीका यह है कि बारिश में गाड़ी इस्तेमाल करने के बाद उसे साफ पानी से धोएं और फिर माइक्रोफाइबर कपड़े से पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रहे कि कार के निचले हिस्से यानी अंडरबॉडी की सफाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां मिट्टी और नमी के जमा होने से जंग लगने की आशंका सबसे ज्यादा होती है।
तेज धूप से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश के अलावा, चिलचिलाती धूप भी कार के लिए उतनी ही खतरनाक साबित होती है। लंबे समय तक सीधे धूप के संपर्क में रहने से कार का पेंट फीका पड़ जाता है। इसके साथ ही, प्लास्टिक के पार्ट्स कमजोर होकर चटकने लगते हैं और डैशबोर्ड तथा सीटों का रंग भी उड़ सकता है। बेहतर यही है कि आप अपनी गाड़ी को हमेशा छायादार जगह पर पार्क करें। यदि पार्किंग के लिए ऐसी जगह नहीं मिल पा रही है, तो अच्छी क्वालिटी का कार कवर इस्तेमाल करना एक समझदारी भरा विकल्प है। इसके अतिरिक्त, विंडशील्ड सन शेड का प्रयोग करने से केबिन के अंदर का तापमान काफी हद तक कम रहता है, जिससे गर्मी का असर कम होता है।
इंटीरियर की सफाई है बेहद जरूरी
अक्सर कार मालिक बाहरी चमक पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन इंटीरियर को नजरअंदाज कर देते हैं। बारिश में जूते और छाते के जरिए अंदर आने वाली नमी के कारण केबिन में बदबू पैदा हो सकती है और फंगस की समस्या भी हो सकती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए समय-समय पर फ्लोर मैट को बाहर निकालकर धूप में सुखाएं। कार के अंदर वैक्यूम क्लीनिंग करना भी एक अच्छा अभ्यास है। सीटों की सफाई के लिए विशेष ध्यान रखें, यदि आपकी कार में लेदर सीट है, तो लेदर कंडीशनर का प्रयोग करें और फैब्रिक सीट होने पर उपयुक्त क्लीनर का इस्तेमाल करें।
मैकेनिकल पार्ट्स और मेंटेनेंस
सौरभ तोमर ने कार के एयर कंडीशनर और केबिन एयर फिल्टर की नियमित जांच पर जोर दिया है। एक गंदा फिल्टर न सिर्फ कूलिंग को कम करता है, बल्कि केबिन में धूल और दुर्गंध का कारण भी बनता है। इसके अलावा रबर डोर बीडिंग, वाइपर ब्लेड, टायर की कंडीशन, ब्रेक्स और बैटरी की स्थिति को भी बार-बार चेक करवाना चाहिए, क्योंकि मानसून के समय इन हिस्सों पर काफी दबाव रहता है।
कोटिंग का विकल्प
यदि आप कार के पेंट को लंबे समय तक नया बनाए रखना चाहते हैं, तो सेरामिक कोटिंग या पेंट प्रोटेक्शन फिल्म यानी PPF का चुनाव कर सकते हैं। ये तकनीकें कार के ऊपर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती हैं, जो धूप, बारिश, हल्की खरोंचों और गंदगी से पेंट को बचाती हैं। अंत में, तोमर का सुझाव है कि कार केवल एक परिवहन का साधन नहीं बल्कि आपका एक कीमती निवेश है। यदि आप रोजमर्रा की सफाई और समय पर सर्विस को अपनी आदत बना लें, तो न केवल गाड़ी की चमक और परफॉर्मेंस बरकरार रहेगी, बल्कि बाद में गाड़ी बेचने पर आपको बेहतर रीसेल वैल्यू भी प्राप्त होगी।
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