दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का 49 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से अस्पताल में थे भर्ती खेल एक घंटा पहले 2
भारतीय शूटिंग के जाने-माने खिलाड़ी और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 साल की उम्र में निधन हो गया। बीते कुछ दिनों से वे दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में इलाजरत थे।

भारतीय शूटिंग के मशहूर खिलाड़ी और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। मृत्यु के समय उनकी उम्र 49 साल थी। इसी हफ्ते की शुरुआत में अचानक उनकी सेहत बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया था। देश के पिस्टल निशानेबाजों के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच की भूमिका निभा रहे राणा को जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से स्वदेश लौटते वक्त बेचैनी महसूस हुई थी।

दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें साकेत के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चला। 12 जून को नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि की। इस खबर के सामने आते ही पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में रोशन किया देश का नाम

देश के सबसे नामचीन पिस्टल निशानेबाजों में शुमार जसपाल राणा ने 1990 के दशक में अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान कायम की। उन्होंने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में कई पदक अपने नाम कर देश का गौरव बढ़ाया।

जिस दौर में भारत में शूटिंग को आज जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं थी, उस समय राणा ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से इस खेल में खास मुकाम बनाया। उनके इस सफर और शानदार कामयाबियों ने देश की युवा पीढ़ी को निशानेबाजी में करियर बनाने की दिशा में प्रेरित किया।

स्टार शूटर मनु भाकर के रहे कोच

खेल से संन्यास लेने के बाद राणा ने कोचिंग का रुख किया और देखते ही देखते भारतीय शूटिंग के सबसे असरदार कोचों में गिने जाने लगे। साल 2012 में वे नेशनल कोचिंग सिस्टम का हिस्सा बने और जूनियर पिस्टल कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद करीब एक दशक तक उन्होंने जमीनी स्तर पर उभरती प्रतिभाओं को निखारने में अहम योगदान दिया।

उनके मार्गदर्शन में सौरभ चौधरी, अनीश भानवाला और चिंकी यादव जैसे शानदार निशानेबाज तैयार हुए, जिन्होंने आगे चलकर विश्व स्तर पर भारत का परचम लहराया। उनकी कोचिंग का सबसे यादगार अध्याय स्टार शूटर मनु भाकर के साथ जुड़ा रहा। राणा ने मनु के करियर के अहम मोड़ पर उन्हें तराशा, और इसी के बाद मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल तथा मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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