जब हर तरफ से घिर गए थे अर्जुन रामपाल: मां को कैंसर, टूटती शादी और बिखरते रिश्तों की दास्तां मनोरंजन 4 घंटे पहले 4
अभिनेता अर्जुन रामपाल ने अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर को याद किया, जब एक ओर मेहर जेसिया से उनका रिश्ता खत्म हो रहा था और दूसरी ओर उनकी मां कैंसर से जूझ रही थीं।

बॉलीवुड में अर्जुन रामपाल ने बरसों से अपनी अलग पहचान बनाए रखी है। मॉडलिंग से करियर की शुरुआत करने के बाद फिल्मी पर्दे तक पहुंचने का सफर उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर तय किया। इन दिनों वह आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें उनके मेजर इकबाल वाले किरदार ने दर्शकों को चौंका दिया। इस फिल्म ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई दी है। मगर एक दौर ऐसा भी था जब उनकी निजी और पेशेवर जिंदगी में भारी उथल-पुथल थी। एक ओर पत्नी मेहर जेसिया के साथ उनका बसा हुआ घर बिखर रहा था, तो दूसरी ओर उनकी मां जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थीं। हाल ही में अर्जुन ने अपनी जिंदगी के उसी मुश्किल दौर पर खुलकर बात की।

अर्जुन रामपाल का छलका दर्द

अर्जुन रामपाल लंबे समय से गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स के साथ रिश्ते में हैं और दोनों के दो बेटे भी हैं। 'धुरंधर' की रिलीज के बाद ही उन्होंने गैब्रिएला से सगाई की थी। इस रिश्ते में आने से पहले अर्जुन एक खुशहाल वैवाहिक जीवन बिता रहे थे। उन्होंने 1998 में मेहर जेसिया से विवाह किया था और इस शादी से उनकी दो बेटियां हैं। हालांकि 2019 में अर्जुन और मेहर का तलाक हो गया। अभिनेता ने बताया कि जिस समय मेहर से उनका तलाक हुआ, ठीक उसी दौर में उनकी मां कैंसर से लड़ रही थीं। यही वह समय था जब वह अपने दोस्तों से भी दूर होते चले गए।

जब मेहर जेसिया संग टूट रहा था रिश्ता

अर्जुन ने 'Cancelled to Crown' में साइकोलॉजिस्ट सोहिनी के साथ बातचीत के दौरान अपने जीवन के सबसे कठिन समय को साझा किया। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने सबसे ज्यादा अकेलापन कब महसूस किया, तो उन्होंने कहा कि वह तब सबसे अकेले पड़ गए थे जब वह खुद से ही जुड़ाव महसूस नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने बताया कि जब मेहर जेसिया के साथ उनकी शादी टूट रही थी, तब उनकी पूरी जिंदगी डगमगा गई थी। अभिनेता के शब्दों में- 'मेरी शादी में चीजें ठीक नहीं चल रही थीं और वह दौर मेरे लिए सबसे कठिन था। मुझे लगता है कि प्यार स्थिर नहीं होता, जिंदगी में कुछ भी टिका हुआ नहीं रहता। हम सब लगातार बदलते रहते हैं।'

जिंदगी का सबसे कठिन दौर और गैब्रिएला का साथ

अपने सबसे मुश्किल समय को याद करते हुए अर्जुन रामपाल ने कहा- 'मुझे लगता है कि वह मेरी जिंदगी का सबसे कठिन समय था। उसी वक्त मेरी मां को कैंसर हो गया था और मेरा रिश्ता भी बुरे दौर से गुजर रहा था। एक तरफ मैं अपनी मां को खो रहा था और उन सबको भी, जो मेरे करीब थे। मैंने 3 साल पहले ही अपने पिता को खोया था और अब दोस्त भी छूटते जा रहे थे। जिन्हें पाने के लिए मैंने मेहनत की थी, उन सबको मैं खोता जा रहा था।' अभिनेता ने यह भी बताया कि इन तमाम मुश्किलों से उबरने में गैब्रिएला ने उनका भरपूर साथ दिया। उन्होंने कहा- 'मैं बेहद किस्मत वाला था कि उस वक्त मुझे गैब्रिएला जैसी पार्टनर मिलीं।'

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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