कम उम्र में ही घुटनों से आ रही है कट-कट की आवाज? जानिए विशेषज्ञ से इसके कारण और बचाव के उपाय स्वास्थ्य एक घंटा पहले 5
कम उम्र में उठते-बैठते या सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों से कट-कट या चटकने की आवाज आना क्रेपिटस कहलाता है। जानिए फोर्टिस नोएडा के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. अतुल मिश्रा से कि यह समस्या सामान्य है या किसी गंभीर बीमारी का संकेत।

घुटनों से आवाज आने की समस्या: क्रेपिटस क्या है?

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती जीवनशैली के कारण कम उम्र में ही युवाओं को जोड़ों से जुड़ी परेशानियां घेरने लगी हैं। अक्सर उठते-बैठते, सीढ़ियां चढ़ते-उतरते या घुटने मोड़ने के दौरान जोड़ों से कट-कट या चटकने की आवाज सुनाई देती है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस स्थिति को क्रेपिटस के नाम से जाना जाता है। बहुत से लोग इसे एक आम समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हर बार कम उम्र में घुटनों से आवाज आना सामान्य नहीं होता। इसके पीछे कोई शारीरिक समस्या या बीमारी भी छिपी हो सकती है।

किन कारणों से घुटनों से आती है चटकने की आवाज?

घुटनों से आवाज आने के पीछे कई शारीरिक और व्यावहारिक कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। फोर्टिस नोएडा में ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट के चेयरमैन डॉ. अतुल मिश्रा ने इसके प्रमुख कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है:

  • साइनोवियल फ्लूइड में बुलबुले बनना: हमारे घुटनों के जोड़ों में एक खास तरल पदार्थ पाया जाता है जिसे साइनोवियल फ्लूइड कहते हैं। यह तरल पदार्थ जोड़ों को चिकनाई प्रदान करता है और हड्डियों के बीच घर्षण को कम करने में मदद करता है। जब इस तरल पदार्थ के अंदर गैस के बुलबुले बन जाते हैं और वे फूटते हैं, तो घुटनों से चटकने की आवाज आती है।
  • टेंडन और लिगामेंट्स की हलचल: घुटने के आसपास मौजूद टेंडन और लिगामेंट्स के अपनी जगह से थोड़ा हिलने या वापस अपनी जगह पर आने के कारण भी ऐसी आवाज पैदा हो सकती है।
  • मांसपेशियों की कमजोरी: जांघ की मांसपेशियों का कमजोर होना भी इसका एक बड़ा कारण है, जिससे जोड़ों पर सही संतुलन नहीं बन पाता।
  • शारीरिक गतिविधि में कमी: लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों में कमी होना घुटनों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।
  • वजन और गलत कसरत: शरीर का वजन अधिक होने से घुटनों पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा गलत तरीके से एक्सरसाइज करने पर भी जोड़ों से आवाज आ सकती है।
  • पटेला और कार्टिलेज में बदलाव: घुटने की हड्डी यानी पटेला की मूवमेंट सही तरीके से न होने या उसके आसपास के कार्टिलेज में बदलाव आने से भी यह समस्या हो सकती है।

कब हो सकती है चिंता की बात?

अगर घुटनों से सिर्फ कट-कट की आवाज आ रही है और कोई तकलीफ नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर इस आवाज के साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो सतर्क हो जाना बेहद आवश्यक है। यदि घुटनों में आवाज के साथ दर्द, सूजन, अकड़न या चलने-फिरने में परेशानी महसूस हो रही है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में ऑस्टियोआर्थराइटिस, कार्टिलेज की चोट या घुटनों से जुड़ी अन्य समस्याओं की जांच कराना जरूरी हो जाता है।

घुटनों को सेहतमंद रखने के आसान उपाय

घुटनों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने और इस समस्या से राहत पाने के लिए कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है:

  • नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधियां करें।
  • जांघों और घुटनों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम शामिल करें।
  • शरीर के वजन को नियंत्रित रखें ताकि घुटनों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
  • लंबे समय तक एक ही स्थिति या मुद्रा में बैठने से बचें।

ध्यान रखें कि केवल घुटनों से आवाज आना किसी गंभीर बीमारी का पक्का सबूत नहीं है, लेकिन अगर इसके साथ दर्द या सूजन की समस्या जुड़ी हो, तो तुरंत ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लें।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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