अनूपपुर: इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में छात्रों का फूटा गुस्सा, खराब खाने और दूषित पानी को लेकर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के छात्र मेस की बदहाली से परेशान होकर धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें घटिया खाना और गंदा पानी परोसा जा रहा है, जिसकी शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ छात्रों का आक्रोश

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। यहां के छात्रावासों में रह रहे सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने मेस की खराब व्यवस्थाओं और दूषित पेयजल की समस्या को लेकर परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और वे अब इसे और अधिक बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं हैं।

लंबे समय से मिल रहा है घटिया भोजन

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से छात्रावास की मेस में बेहद घटिया और निम्न स्तर का खाना दिया जा रहा है। छात्रों के अनुसार, खाना न केवल स्वादहीन है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इसके साथ ही पीने के पानी की स्थिति भी बेहद खराब है और उन्हें दूषित पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। विद्यार्थियों ने बताया कि खराब खानपान के कारण उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है और वे बीमार हो रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर खड़े हुए सवाल

छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों से कई बार मौखिक रूप से शिकायत की थी, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतों के प्रति प्रशासन के इस उदासीन रवैये के कारण छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया है। उनका आरोप है कि मेस संचालक मनमानी कर रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन उसे शह दे रहा है।

कुलपति से सख्त कार्रवाई की मांग

धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने मेस संचालक के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन मेस संचालक के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करता और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं लाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने कुलपति से सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए मेस की कार्यप्रणाली में सुधार करने और छात्रों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दबाव बनाया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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