पंजाब की राजनीति में हलचल, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भगवंत मान को दी सीधी चुनौती पंजाब एक घंटा पहले 3
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, साथ ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफे की अटकलों को भी खारिज कर दिया है।

राजनीतिक पारा चढ़ा

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है। इस सियासी हलचल के बीच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने की अपनी इच्छा जाहिर की है। हालांकि, वडिंग ने यह भी जोड़ा है कि अंतिम निर्णय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, जिसमें राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हैं, के द्वारा ही लिया जाएगा।

पद छोड़ने से इनकार

सोमवार को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने इस्तीफे की चर्चाओं पर पूर्ण विराम लगा दिया। पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी उठापटक के बीच यह स्पष्ट किया कि वह पद से हटने वाले नहीं हैं। पिछले कुछ समय से पार्टी के कार्यक्रमों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों द्वारा की जा रही नारेबाजी के बाद राजनीतिक गलियारों में वडिंग के इस्तीफे को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही थीं।

भूपेश बघेल की उपस्थिति में दो टूक बात

बठिंडा और मुक्तसर में आयोजित 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' अभियान के दौरान वडिंग ने मीडिया से मुखातिब होते हुए अपना रुख साफ किया। इस अवसर पर पार्टी के पंजाब प्रभारी और एआईसीसी के महासचिव भूपेश बघेल भी मौजूद थे। मीडियाकर्मियों के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने पूरी दृढ़ता से कहा कि वे इस्तीफा नहीं देंगे।

हाईकमान के निर्देशों पर निष्ठा

वडिंग ने आगे स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उन्हें हटाने का निर्णय लेता है, तो भी वह एक समर्पित सिपाही की तरह काम जारी रखेंगे। उन्होंने अपनी कार्यशैली का जिक्र करते हुए दावा किया कि पिछले 4 वर्षों में उन्होंने ईमानदारी से संगठन को मजबूत किया है। उनके नेतृत्व में वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने पंजाब की कुल 13 सीटों में से 7 पर जीत का परचम लहराया था।

आंतरिक गुटबाजी की चुनौती

पार्टी के भीतर चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वडिंग के समर्थकों के बीच हो रही नारेबाजी ने कांग्रेस के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। सार्वजनिक तौर पर दिख रही यह खींचतान पार्टी के लिए चिंता का विषय है। प्रभारी भूपेश बघेल की मौजूदगी में वडिंग द्वारा अपना पक्ष मजबूती से रखने के बाद यह तो साफ हो गया है कि वह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, लेकिन चुनाव से पहले पार्टी में बिखराव को रोकना कांग्रेस हाईकमान के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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