जंतर-मंतर पर तनाव के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय का कड़ा रुख, छात्रों को दी गई अहम सलाह दिल्ली एक महीने पहले 56
दिल्ली विश्वविद्यालय ने जंतर-मंतर पर हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद छात्रों को एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने और फर्जी खबरों से बचने को कहा है।

सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों को आगाह किया

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद मचे बवाल को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया मंच 'X' का सहारा लेते हुए छात्रों की सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह आधिकारिक संदेश साझा किया है। डीयू प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि छात्रों को ऐसे किसी भी विवाद से दूर रहना चाहिए, जिससे उनके करियर और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सके।

विश्वविद्यालय का संदेश और निर्देश

दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पोस्ट में छात्रों को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि उनकी सुरक्षा प्रशासन के लिए सर्वोपरि है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि उन्हें जंतर-मंतर पर आयोजित किसी भी ऐसी सभा या विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होना चाहिए जो नियमों के दायरे में न हो और जिसे कानूनी अनुमति प्राप्त न हो। विश्वविद्यालय का मानना है कि ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों में भाग लेना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि इसके चलते छात्रों को गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, ऐसी घटनाओं में शामिल होने से छात्रों के शैक्षणिक सफर और भविष्य के व्यावसायिक अवसरों पर भी बुरा असर पड़ सकता है। इसके साथ ही प्रशासन ने विद्यार्थियों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक सूचनाओं और फर्जी खबरों के झांसे में न आएं और हमेशा कानून का पालन करें।

जंतर-मंतर पर क्या थी स्थिति?

बता दें कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा संसद मार्च निकाला गया था, जिसके दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया, जिससे सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की, जिसके बाद दिल्ली पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस की जांच में यह चौकाने वाला तथ्य सामने आया कि इस प्रदर्शन में शामिल अधिकांश लोग छात्र नहीं थे, बल्कि वे बाहरी तत्व थे जो उपद्रव करने के उद्देश्य से आए थे। वर्तमान में पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और घटनास्थल के वीडियो फुटेज खंगालकर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। सूत्रों की मानें तो जो लोग इस हिंसा में सीधे तौर पर संलिप्त पाए जाएंगे, उनके पासपोर्ट तक रद्द किए जा सकते हैं। इस घटनाक्रम के बाद से दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने छात्रों को ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने की नसीहत दी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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