अमेरिकी रियल एस्टेट कंपनी ओपनडोर ने भारत में समेटा कारोबार, करीब 250 कर्मचारियों पर असर व्यापार एक महीने पहले 13
अमेरिका की डिजिटल रियल एस्टेट फर्म ओपनडोर भारत में अपना कामकाज बंद कर रही है, जिससे लगभग 250 भारतीय कर्मचारी प्रभावित होंगे। कंपनी अपने ऑपरेशनल कामकाज को वापस अमेरिका में ग्राहकों के नजदीक ले जा रही है।

अमेरिका की डिजिटल रियल एस्टेट कंपनी Opendoor ने भारत में अपना परिचालन समेटने का फैसला किया है। कंपनी के इस कदम का असर करीब 250 भारतीय कर्मचारियों पर पड़ेगा और उनकी नौकरी खत्म हो जाएगी। कंपनी के सीईओ काज नेजैटियन ने इससे जुड़ी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की। उन्होंने बताया कि बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रेटेजी के तहत कंपनी अपने ऑपरेशनल रोल्स को अमेरिका में अपने ग्राहकों के नजदीक स्थानांतरित कर रही है।

कर्मचारियों को भेजे ईमेल में सीईओ ने क्या कहा

नेजैटियन ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में लिखा कि बीते कुछ महीनों से कंपनी अपने ऑपरेशनल रोल्स को धीरे-धीरे वापस अमेरिका शिफ्ट कर रही थी। उन्होंने कहा कि इस ताजा कदम के साथ यह पूरी प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच जाएगी और भारत में ओपनडोर का कामकाज पूरी तरह बंद हो जाएगा। सीईओ ने यह ईमेल भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया।

अमेरिका में ही मौजूद हैं कंपनी के ग्राहक

नेजैटियन के मुताबिक ओपनडोर के सभी ग्राहक अमेरिका में हैं, इसलिए उन्हें सहयोग देने वाला ऑपरेशनल काम ग्राहकों के नजदीक रहकर ज्यादा बेहतर तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले अलग-अलग सिस्टम में मैनुअल वर्कफ्लो संभालने के लिए भारत में एक बड़ी टीम तैयार की गई थी, लेकिन तकनीक में हुए सुधार और अमेरिका में AI-इनेबल्ड टीमों के आने से अब इन कामों को विदेश में रखने की जरूरत काफी कम हो गई है।

भारतीय कर्मचारियों के योगदान को सराहा

सीईओ ने अपने नोट में लिखा कि आज से कंपनी ने भारत में अपने सहयोगियों को अलविदा कहना शुरू कर दिया है, क्योंकि यहां कामकाज बंद किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि यह फैसला भारतीय टीम के प्रदर्शन से किसी भी तरह नहीं जुड़ा है। नेजैटियन ने भारतीय कर्मचारियों के योगदान की तारीफ करते हुए उन्हें प्रतिभाशाली पेशेवर बताया और कहा कि वे दूसरी कंपनियों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होंगे।

प्रभावित कर्मचारियों को मिलेगा सहयोग

सीईओ ने बताया कि प्रभावित कर्मचारियों को ट्रांजिशन सपोर्ट दिया जाएगा, जिसमें सेवरेंस पैकेज, आउटप्लेसमेंट सर्विस और दूसरे संसाधन शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ कर्मचारी मुख्य कामकाज के सुचारू हस्तांतरण में मदद के लिए कुछ समय तक कंपनी में बने रहेंगे।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप