ईरान के दोहरे रुख पर डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा प्रहार, होर्मुज के मसले पर अमेरिकी नौसेना की ताकत को बताया निर्णायक विश्व एक घंटा पहले 3
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कूटनीतिक धोखेबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि तेहरान पर्दे के पीछे बातचीत के लिए बेताब है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर इनकार कर रहा है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी सैन्य दबदबे को भी रेखांकित किया।

ईरान के साथ बातचीत पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा खुलासा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप का मानना है कि ईरान का व्यवहार दोहरा है। उनके अनुसार, ईरान का नेतृत्व पर्दे के पीछे तो अमेरिका के साथ बातचीत करने की छटपटाहट दिखा रहा है, लेकिन दुनिया और अपने लोगों के सामने वे लगातार तल्खी दिखा रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान के नेता निजी तौर पर अमेरिका के साथ चर्चा की मांग करते हैं और कई बार बैठकें तय भी की जाती हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से वे दावा करते हैं कि दोनों देशों के बीच कोई संवाद नहीं चल रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर वर्चस्व की जंग

होर्मुज के समुद्री रास्ते को लेकर जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा दावा किया है। ईरान अक्सर यह दावा करता रहा है कि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पूरी तरह से उनके नियंत्रण में है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वास्तविकता यह है कि वहां अमेरिकी नौसेना का पूर्ण नियंत्रण है। ट्रंप के मुताबिक, होर्मुज पर असल नाकेबंदी अमेरिका की तरफ से है, न कि ईरान की तरफ से। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अमेरिका का दबदबा बरकरार है।

परमाणु हथियारों और समझौतों को लेकर कड़ी चेतावनी

ट्रंप ने अपने बयान में ईरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाना जारी रखा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ईरान को किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान कोई ठोस समझौता नहीं करता या पूरी तरह से समर्पण नहीं करता, तब तक उनकी अनुमति के बिना किसी भी तरह का सामान ईरान के भीतर या बाहर नहीं जा पाएगा। यह उनकी अधिकतम दबाव बनाने की नीति का हिस्सा है।

ईरान का पक्ष और कूटनीतिक संकट

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन दावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस्माइल बघाई का कहना है कि वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार की सीधी बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान इस समय ओमान के साथ मिलकर होर्मुज में जहाजों की आवाजाही के लिए एक अस्थायी सुरक्षित रास्ता बनाने पर बातचीत कर रहा है। हालांकि, ईरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि केवल ओमान के साथ समझौता होने से ही होर्मुज का संकट नहीं सुलझ जाएगा। उनके अनुसार, जब तक अमेरिका अपनी आक्रामक नीतियों और कार्रवाई को नहीं रोकता, तब तक जमीनी स्थिति में कोई भी बदलाव आने की संभावना कम है।

बढ़ता अविश्वास और भविष्य की राह

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री सीमाओं को लेकर गहरा अविश्वास बना हुआ है। हालांकि दोनों देश विभिन्न माध्यमों से कूटनीतिक बातचीत के संकेत देते रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक बयानों और मीडिया में चल रही बयानबाजी से यह साफ है कि दोनों पक्षों के बीच भरोसे का भारी अभाव है। इस कूटनीतिक रस्साकशी के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बरकरार है और आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों पक्ष किसी मध्य मार्ग पर पहुंच पाते हैं या फिर गतिरोध और गहराता है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप