सुरक्षा परिषद से पाकिस्तान बाहर, पांच नए देशों को मिली जगह, यह मुस्लिम देश पहली बार पहुंचा UNSC विश्व एक घंटा पहले 2
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे को 2027-28 कार्यकाल के लिए गैर-स्थायी सदस्य चुना गया है। ये पांच देश पाकिस्तान समेत उन सदस्यों की जगह लेंगे जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के लिए पांच नए गैर-स्थायी सदस्य देशों का चयन हो गया है। बुधवार को हुए चुनाव में ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे को परिषद का गैर-स्थायी सदस्य चुना गया। इन सभी देशों का कार्यकाल दो साल का रहेगा। सबसे खास बात यह है कि किर्गिस्तान पहली बार सुरक्षा परिषद का हिस्सा बनने जा रहा है।

नवनिर्वाचित ये देश डेनमार्क, ग्रीस, पाकिस्तान, पनामा और सोमालिया की जगह लेंगे, जिनका मौजूदा कार्यकाल पूरा होने वाला है। नए सदस्य देश 1 जनवरी 2027 से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे और 31 दिसंबर 2028 तक परिषद में बने रहेंगे।

कैसे होता है सदस्यों का चुनाव

गैर-स्थायी सीट हासिल करने के लिए किसी भी उम्मीदवार देश को संयुक्त राष्ट्र महासभा में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्य देशों के कम से कम दो-तिहाई मत प्राप्त करने होते हैं। यदि सभी 193 सदस्य देश मौजूद रहें और वोट डालें, तो जीत के लिए न्यूनतम 129 वोट चाहिए होते हैं। जो देश मतदान में हिस्सा नहीं लेते, उन्हें इस गणना में शामिल नहीं किया जाता।

सात उम्मीदवार, पांच सीटें

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक इस वर्ष पांच सीटों के लिए कुल सात देश मैदान में उतरे थे। इनमें से ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे को पहले ही दौर के मतदान में चुन लिया गया।

किर्गिस्तान ने फिलीपींस को हराया

शेष सीट के लिए मुकाबला आगे बढ़ा और तीन और दौर की वोटिंग करानी पड़ी। आखिरकार किर्गिस्तान ने फिलीपींस को पराजित कर यह सीट अपने नाम कर ली।

परिषद की बनावट

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका पांच स्थायी सदस्य हैं। बाकी दस सीटें गैर-स्थायी होती हैं, जिनका बंटवारा अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर किया जाता है। हर साल इनमें से पांच सीटों के लिए नए सदस्य चुने जाते हैं।

इस बार चुने गए पांच देश अफ्रीकी समूह, एशिया-प्रशांत समूह, लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई समूह तथा पश्चिमी यूरोपीय और अन्य देशों के समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं। पूर्वी यूरोपीय समूह की सीट इस बार चुनाव में शामिल नहीं थी, क्योंकि उस सीट पर फिलहाल लातविया 2027 तक सदस्य है और यह सीट हर दूसरे साल चुनाव के लिए आती है।

क्यों अहम है सुरक्षा परिषद

सुरक्षा परिषद को संयुक्त राष्ट्र का सबसे ताकतवर निकाय माना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। यह निकाय कानूनी रूप से बाध्यकारी फैसले ले सकता है, प्रतिबंध लगा सकता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग की अनुमति भी दे सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!