होर्मुज स्ट्रेट के विकल्प के रूप में 2 साल में तैयार होगी पाइपलाइन: अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का दावा विश्व एक घंटा पहले 2
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अगले दो वर्षों में पाइपलाइन के जरिए होर्मुज स्ट्रेट को बाईपास कर दिया जाएगा, जिससे ईरान का वैश्विक दबाव कम हो जाएगा।

होर्मुज स्ट्रेट को बाईपास करने की तैयारी

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि आने वाले दो साल के भीतर दुनिया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से दरकिनार कर देगी। इसके लिए जमीनी पाइपलाइनों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे कच्चे तेल का परिवहन समुद्री मार्ग के बजाय जमीन के रास्ते से संभव हो पाएगा। बेसेंट का मानना है कि ईरान लंबे समय से इस रणनीतिक जलमार्ग को दुनिया पर दबाव डालने और एक चोकपॉइंट के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। जैसे ही ये वैकल्पिक पाइपलाइनें सक्रिय होंगी, इस समुद्री रास्ते की अहमियत समाप्त हो जाएगी और इसे केवल पानी का एक सामान्य हिस्सा माना जाएगा।

अमेरिका के लिए कोई खतरा नहीं

जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या होर्मुज का चोकपॉइंट अमेरिका के लिए अब कोई गंभीर खतरा है, तो स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि हालांकि यह मार्ग कई अन्य देशों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन अमेरिका के लिए यह कभी भी कोई बड़ी रुकावट नहीं बन सकता। उन्होंने आगे कहा कि वे साफ तौर पर देख पा रहे हैं कि ईरानी शासन इस रास्ते को हथियार की तरह उपयोग करने का प्रयास कर रहा है। बेसेंट ने विश्वास व्यक्त किया कि दो साल की समय सीमा में तेल आपूर्ति के वैकल्पिक जमीनी मार्ग तैयार हो जाएंगे, जिससे पर्शियन गल्फ के इस संकरे गलियारे पर वैश्विक निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

तेल टैंकर पर हमले की घटना

अमेरिकी मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज के पास एक कमर्शियल ऑयल टैंकर पर घातक हमला हुआ है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO के आंकड़ों के अनुसार, इस टैंकर को तीन अज्ञात मिसाइलों के जरिए निशाना बनाया गया। यह घटना ओमान के खसाब शहर से लगभग इकतीस किलोमीटर की दूरी पर समुद्र के बीच हुई। गनीमत रही कि इस हमले में किसी भी क्रू मेंबर की जान नहीं गई और न ही समुद्र में तेल का कोई रिसाव हुआ है, लेकिन इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर जहाजों के बीच भारी दहशत देखी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

इस ताजा सैन्य तनाव के चलते ग्लोबल क्रूड ऑयल मार्केट में हड़कंप मच गया है। अमेरिका और ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के तुरंत बाद कच्चे तेल के दामों में भारी बढ़त दर्ज की गई है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें एक दशमलव सात परसेंट बढ़कर बानवे डॉलर पांच सेंट प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गईं। इसके साथ ही, अमेरिकी WTI क्रूड में भी दो दशमलव तीन परसेंट की बढ़ोतरी देखी गई और यह सत्तासी डॉलर सतहत्तर सेंट प्रति बैरल के भाव पर कारोबार कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप