प्रशांत महासागर में छिपा है न्यूक्लियर टाइम बम, रुनिट डोम की दरारें बढ़ा रही हैं दुनिया की चिंता विश्व 2 महीने पहले 76
मार्शल आइलैंड्स पर स्थित रुनिट डोम में रेडियोएक्टिव कचरा जमा है, जिसमें पड़ी दरारें और बढ़ता समुद्री जलस्तर वैश्विक परमाणु आपदा का खतरा पैदा कर रहे हैं।

रुनिट डोम बना दुनिया के लिए खतरा

प्रशांत महासागर के मध्य स्थित रुनिट डोम नामक कंक्रीट का एक विशाल ढांचा इस समय वैश्विक स्तर पर एक बड़े न्यूक्लियर टाइम बम के रूप में उभर रहा है। दशकों पहले अमेरिका द्वारा मार्शल आइलैंड्स पर किए गए 67 परमाणु परीक्षणों के बाद जो रेडियोएक्टिव कचरा और प्लूटोनियम बचा था, उसे सुरक्षित रखने के लिए इस गुंबद का निर्माण किया गया था। अब समय बीतने के साथ इस ढांचे में दरारें आ चुकी हैं, जो भविष्य के लिए गंभीर संकेत हैं।

समुद्र में मिल रहा है घातक जहर

जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते समुद्री जलस्तर का सीधा असर इस ढांचे पर पड़ रहा है। इस कारण गुंबद के भीतर कैद घातक रेडियोएक्टिव कचरा लगातार रिसकर समुद्र के पानी में मिल रहा है। यह स्थिति न केवल प्रशांत महासागर के पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदूषित कर रही है, बल्कि रूस, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देशों से सटे समुद्री इलाकों पर भी परमाणु तबाही का खतरा मंडरा रहा है। यह रिसाव एक ऐसी त्रासदी को जन्म दे सकता है जिसे नियंत्रित करना आने वाले समय में बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होगा।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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