पेंटागन में अचानक 'रेड अलर्ट', खतरनाक पदार्थ फैलने के अलार्म से मचा हड़कंप; जानें पूरा मामला विश्व एक घंटा पहले 2
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के एयर-क्वालिटी सिस्टम ने हवा में खतरनाक पदार्थ का संकेत दिया, जिसके बाद कई मंजिलों पर लॉकडाउन लगा। हालांकि बाद में जांच में इसे फॉल्स अलार्म और तकनीकी गड़बड़ी बताया गया।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय 'द पेंटागन' में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब अचानक भीतर 'रेड अलर्ट' घोषित कर दिया गया। कमरे आनन-फानन में खाली कराए जाने लगे, लोग इमारत छोड़कर बाहर भागते दिखे और कई मंजिलों पर लॉकडाउन लागू कर दिया गया। यह हलचल तब शुरू हुई जब इमारत में खतरनाक पदार्थ फैलने का अलार्म बजने लगा, जिससे अधिकारियों और सैन्य कमांडरों की चिंता बढ़ गई।

ईरान के साथ जारी तनाव के बीच आई इस खबर ने दुनियाभर में अटकलों को हवा दे दी कि कहीं अमेरिका के सबसे अहम सैन्य ठिकाने पर कोई बड़ा रासायनिक हमला तो नहीं हुआ। हालांकि बाद में जो सच्चाई सामने आई, वह इन आशंकाओं से बिल्कुल अलग थी।

पेंटागन के भीतर आखिर हुआ क्या

दरअसल, पेंटागन की इमारत में लगे अत्याधुनिक एयर-क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम ने हवा में किसी बेहद खतरनाक और जानलेवा पदार्थ की मौजूदगी का संकेत दे दिया, जिसके बाद अलार्म बजने लगे। जैसे ही सुरक्षा प्रणाली ने हवा में गड़बड़ी पकड़ी, पूरे मुख्यालय में खलबली मच गई।

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने तत्काल बयान जारी कर बताया कि यह सुरक्षा अलर्ट एक बेहद गंभीर 'एयर क्वालिटी इश्यू' के कारण ट्रिगर हुआ। सीएनएन की रिपोर्ट में इसे फॉल्स अलार्म करार दिया गया है।

कई मंजिलों पर लगाया गया लॉकडाउन

सुरक्षा टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित हिस्सों में मौजूद हजारों सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को 'शेल्टर-इन-प्लेस' का सख्त निर्देश जारी कर दिया। इसका मतलब यह था कि जो कर्मचारी जहां है, वह उसी कमरे में खुद को बंद रखे और बाहर न निकले। वहीं कुछ बेहद संवेदनशील हिस्सों को तत्काल खाली कराकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

सीएनएन के मुताबिक, इस दौरान पेंटागन के भीतर सुरक्षा इतनी कड़ी कर दी गई कि वहां कोई हलचल संभव नहीं रही। बताया जा रहा है कि इमारत की दूसरी मंजिल से लेकर पांचवीं मंजिल तक और कॉरिडोर नंबर 4 से लेकर 7 तक को पूरी तरह ब्लॉक कर लॉकडाउन में रखा गया। इन्हीं मंजिलों पर अमेरिका के कई वीआईपी मिलिट्री ऑपरेशन्स के दफ्तर स्थित हैं। इन हिस्सों को बंद किए जाने के बाद पेंटागन के सेंट्रल कोर्टयार्ड में कई जांच एजेंसियों की गाड़ियां और फायर फाइटर्स मुस्तैद नजर आए।

हजमैट और अर्लिंग्टन फायर टीम को बुलाया गया

पेंटागन फोर्स प्रोटेक्शन एजेंसी की विशेष हजमैट यानी खतरनाक मटीरियल से निपटने वाली टीम के साथ 'अर्लिंग्टन काउंटी फायर डिपार्टमेंट' की विशेष टुकड़ियों को तुरंत मौके पर बुलाया गया।

इस मामले को लेकर पेंटागन की ओर से जारी आंतरिक संदेश में साफ कहा गया कि हवा की क्वालिटी की जांच के बाद एडवांस्ड टेस्टिंग की जरूरत है, जिसमें कम से कम एक से दो घंटे का समय लग सकता है। संदेश में यह भी कहा गया कि रिस्पांस टीमें पूरी तरह तैनात हैं और सेंट्रल कोर्टयार्ड में कई एजेंसियों की हलचल देखकर कोई गलत अंदाजा न लगाया जाए, क्योंकि यह पूरी तरह सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!