अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमले: मासूम बच्चों की मौत पर उठे गंभीर सवाल विश्व एक महीने पहले 51
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों में अफगानिस्तान के कई नागरिक मारे गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। अब इन हमलों की स्वतंत्र जांच और पाकिस्तान से सबूत मांगने की मांग उठ रही है।

पाकिस्तान के दावों पर सवाल

अफगानिस्तान में पिछले कुछ समय से जारी पाकिस्तानी हवाई हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में कई मासूम बच्चों की जान गई है। अमेरिका स्थित ऑनलाइन पत्रिका रिस्पॉन्सिबल स्टेटक्राफ्ट की रिपोर्ट में इन हमलों पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। वॉशिंगटन से अपील की गई है कि वह पाकिस्तान को सैन्य कार्रवाई से रोके और हमलों में हुई मौतों की स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करे।

हमलों के आंकड़े और दावे

  • UNAMA के अनुसार, पिछले सप्ताह पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों में करीब 13 नागरिक मारे गए और 10 अन्य घायल हुए।
  • इस्लामाबाद का दावा है कि इन हमलों का निशाना TTP के ठिकाने थे और इसमें 26 लड़ाके मारे गए।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, इन दावों की अब तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
  • इससे पहले मार्च में हुए हवाई हमलों में काबुल स्थित Omid Drug Rehabilitation Center को निशाना बनाया गया था, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार करीब 143 लोग मारे गए थे।

पीड़ित परिवारों का दर्द

खोस्त प्रांत के निवासी हाजी हाफिजुल्लाह ने बताया कि उनके गांव में एक ही परिवार के 7 बच्चे मारे गए, जिनकी उम्र 3 से 15 साल के बीच थी। उन्होंने बताया कि हमले के समय वे सभी सो रहे थे और उनका किसी भी संगठन से कोई लेना-देना नहीं था। स्थानीय निवासी इस्मतुल्लाह ने सवाल उठाया कि अगर वे बच्चे आतंकवादी थे, तो उनके हथियार क्यों नहीं दिखाए गए? उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र अपराध यह था कि वे गरीब अफगान नागरिक थे।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर गरीब परिवारों की हत्या करना उचित नहीं है। खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों को निशाना बनाने की अंतरराष्ट्रीय समुदाय को निंदा करनी चाहिए। इस्मतुल्लाह ने दुनिया से अपील की कि वे इस मामले में सच का साथ दें। मानवाधिकारों का सम्मान अफगान नागरिकों के लिए भी होना चाहिए, न कि केवल चुनिंदा मामलों में। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति Donald Trump के दूसरे कार्यकाल में पाकिस्तान और अमेरिका के संबंध मजबूत हुए हैं, फिर भी इन हमलों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत कम प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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