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एक घंटा पहले
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक और भारतीय की मौत की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। ओमान के डुक्म बंदरगाह पर खड़े एक जहाज पर सवार भारतीय नागरिक का निधन हो गया है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर लगी हैं, समुद्री हालात अब भी सामान्य होते दिखाई नहीं दे रहे।
टैंकर पर सवार भारतीय का निधन
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते मौत हो गई। वह मोटर टैंकर एमटी सेलेस्टियल पर सवार थे, जो फिलहाल ओमान के डुक्म बंदरगाह पर खड़ा है।
दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह जहाज प्रबंधन कंपनी और सभी संबंधित पक्षों के लगातार संपर्क में है। निशांत के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। दूतावास ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
होर्मुज में ईरान की सख्त चेतावनी
यह दुखद खबर ऐसे वक्त सामने आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव चरम पर है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें इलाके में मौजूद सभी जहाजों को आगाह किया गया है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश न करें।
रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर कहा गया है, ‘आपकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए अगली सूचना तक होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार की आवाजाही से पूरी तरह बचें।’ ऑडियो में यह दावा भी किया गया कि इस जलमार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और किसी भी जहाज की आवाजाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को खुल सकता है रास्ता
दिलचस्प पहलू यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक समझौता होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा।
हालांकि समुद्र में मौजूद जहाजों को दी जा रही चेतावनियां और लगातार बढ़ता तनाव यह दर्शाता है कि जमीन और समुद्र दोनों जगह हालात अभी पूरी तरह काबू में नहीं आए हैं।
अमेरिकी सेना ने गिराए ईरानी ड्रोन
तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने भी बड़ा दावा किया है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार देर रात होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बना रहे कई ईरानी ड्रोन मार गिराए गए। इससे साफ है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां अब भी जारी हैं और किसी भी क्षण हालात फिर बिगड़ सकते हैं।
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