ईरान के साथ जारी संघर्ष और 6 महीने लंबी जंग की चेतावनी, क्या अमेरिका के लिए फंसी है बड़ी मुश्किल? विश्व एक घंटा पहले 4
अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री लियोन पनेटा ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव पर गंभीर चिंता जताते हुए इसे और छह महीने तक खिंचने की आशंका जताई है, साथ ही उन्होंने इसे इराक और अफगानिस्तान जैसे असफल युद्धों जैसा करार दिया है।

ईरान-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का भविष्य

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सरकार के पूर्व रक्षा मंत्री और सीआईए के पूर्व निदेशक रहे लियोन पनेटा ने इस युद्ध को लेकर एक चेतावनी दी है। उनका स्पष्ट मानना है कि यह संघर्ष निकट भविष्य में समाप्त होता नहीं दिख रहा है। पनेटा के मुताबिक, दोनों देश एक ऐसे जटिल और खतरनाक जाल में फंस चुके हैं, जिससे बाहर निकलने का फिलहाल कोई स्पष्ट रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह युद्ध आने वाले छह महीने तक और लंबा खींच सकता है, जो अमेरिका के लिए काफी चिंताजनक स्थिति है।

अफगानिस्तान जैसी विफलता का खतरा

एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थान को दिए गए अपने साक्षात्कार में लियोन पनेटा ने उन अटकलों को खारिज किया है जिनमें युद्ध के जल्द खत्म होने का दावा किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान की मौजूदा सैन्य स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। दोनों ही तरफ से निरंतर हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी है, जिससे तनाव और गहराता जा रहा है। पनेटा ने इस बात की चेतावनी दी है कि यदि इस सैन्य संघर्ष को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह अमेरिका के लिए इराक और अफगानिस्तान जैसे उन युद्धों में बदल सकता है, जिनमें अमेरिका को लंबी अवधि तक उलझना पड़ा था और अंततः असफलता का सामना करना पड़ा था।

अमेरिका के सामने मौजूद तीन बड़े विकल्प

लियोन पनेटा ने मौजूदा हालात का विश्लेषण करते हुए अमेरिका के सामने तीन मुख्य विकल्पों का जिक्र किया है, जो इस युद्ध की दिशा तय कर सकते हैं:

  • सैन्य अभियान की विफलता को स्वीकार करना: पहला विकल्प यह है कि युद्ध को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए और इसे एक असफल अभियान मान लिया जाए।
  • संघर्ष जारी रखना: दूसरा विकल्प यह है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी जवाबी हमलों की वर्तमान स्थिति को इसी तरह बेरोकटोक चलने दिया जाए।
  • होर्मुज पर नियंत्रण: तीसरा और अंतिम विकल्प होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल करना है ताकि ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग को अवरुद्ध न कर सके।

पेंटागन के नेतृत्व पर सवाल

पूर्व रक्षा मंत्री ने केवल युद्ध की रणनीतियों पर ही नहीं, बल्कि पेंटागन के आंतरिक कामकाजी माहौल पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के भीतर चल रहा तनाव और सैन्य नेतृत्व में दिख रहा मतभेद अमेरिका के लिए नुकसानदेह हो सकता है। पनेटा की आशंका है कि यदि शीर्ष नेतृत्व के बीच तालमेल की कमी रही, तो इसका सीधा लाभ अमेरिका के विरोधी उठा सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर पेंटागन ने पनेटा के इन दावों को पूरी तरह से नकार दिया है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि मौजूदा रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के नेतृत्व में विभाग पूरी तरह सुचारू रूप से कार्य कर रहा है और वहां किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या आपसी मतभेद जैसी कोई स्थिति नहीं है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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