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7 घंटे पहले
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तनाव की आग में झुलसा पश्चिम एशिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान को अब उनके सख्त तेवरों का सामना करना होगा। यह बयान ऐसे नाजुक समय में आया है जब जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि सोमवार सुबह ईरान की तरफ से 8 मिसाइलें दागी गई थीं। हालांकि अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उनकी सुरक्षा प्रणालियों ने इन सभी मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया था। इस घटनाक्रम ने पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध के बादलों को गहरा कर दिया है और आज रात संभावित जवाबी हमले की अटकलें तेज हो गई हैं।
ट्रंप की सीधी चेतावनी
फॉक्स न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी आक्रामक नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि वे ईरान पर जोरदार हमला करने की तैयारी में हैं और उन्हें एक कड़ा जवाब दिया जाएगा। ट्रंप का यह रुख जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाए जाने की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान द्वारा किए गए इस दुस्साहस का बदला लेना अब अनिवार्य हो गया है, जिससे संकेत मिलते हैं कि आज रात कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई संभव है।
क्या हुआ था जॉर्डन और लाराक द्वीप पर
तनाव की शुरुआत रविवार देर रात से हुई थी, जब अमेरिका ने ईरान के लाराक द्वीप पर एक सैन्य हमला किया था। इस कार्रवाई के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया। ईरानी सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने किंग हुसैन और अल-अज्राक एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। ईरान का दावा है कि इस हमले में अमेरिकी लड़ाकू विमानों की स्थिति और तकनीकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके विपरीत, अमेरिकी पक्ष का तर्क है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को मार गिराया। फॉक्स न्यूज के अनुसार, केवल एक मिसाइल को आगे जाने दिया गया क्योंकि वह किसी महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान की ओर नहीं बढ़ रही थी।
ईरान के पतन का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान की स्थिति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ईरान को एक फेल हो चुका देश करार दिया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान की सैन्य और आर्थिक ताकत पूरी तरह खत्म हो चुकी है। ट्रंप के अनुसार:
- ईरान के पास अब प्रभावी नौसेना और वायुसेना जैसी कोई चीज नहीं बची है।
- देश की मुद्रा की स्थिति दयनीय है और अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद है।
- सैनिकों और पुलिस को वेतन देने के लिए सरकार के पास धन नहीं है।
- देश में महंगाई दर 300% के खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।
- ईरानी नेतृत्व पूरी तरह बिखर चुका है और जनता का प्रतिनिधित्व करने में अक्षम है।
मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप
ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि वे अपने ही प्रदर्शनकारियों की हत्या कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अब तक 1 लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन गंभीर आरोपों के साथ राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरानी शासन पर मानवता के खिलाफ युद्ध अपराध के लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए। ट्रंप ने ईरान पर केवल झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बातों में कोई दम नहीं है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या आज रात अमेरिका की तरफ से कोई बड़ी जवाबी सैन्य कार्रवाई देखने को मिलेगी।
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