डोनाल्ड ट्रंप के लिए संकटमोचक बने दामाद जेयर्ड कुशनर, अहमद पटेल जैसी भूमिका निभाकर बचा रहे कुर्सी विश्व एक घंटा पहले 4
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घटती लोकप्रियता और आगामी मिड-टर्म चुनाव के बीच उनके दामाद जेयर्ड कुशनर एक कुशल रणनीतिकार के रूप में उभरे हैं। कुशनर अब ठीक उसी तरह से ट्रंप के लिए काम कर रहे हैं जैसे कभी अहमद पटेल कांग्रेस के लिए किया करते थे।

चुनावी संकट और ट्रंप की साख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने इस समय राजनीतिक चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। उनकी कई विवादास्पद नीतियों के कारण जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का ग्राफ लगातार नीचे गिरा है। खास तौर पर ईरान के साथ उपजे तनाव और संभावित युद्ध के हालातों ने राष्ट्रपति की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है। ऐसी स्थिति में आगामी नवंबर महीने में होने वाले मिड-टर्म चुनाव ट्रंप के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने वाले हैं। यदि रिपब्लिकन पार्टी इन चुनावों में हारती है, तो हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स का दबदबा बढ़ जाएगा, जो डोनाल्ड ट्रंप के शासन के लिए बेहद मुश्किल भरा हो सकता है।

जेयर्ड कुशनर: ट्रंप के नए संकटमोचक

इन बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुशनर पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। कुशनर को लेकर यह चर्चा तेज है कि वे ट्रंप सरकार के लिए उसी तरह की भूमिका निभा रहे हैं जैसी कभी कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल निभाया करते थे। अहमद पटेल को कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार का सबसे भरोसेमंद और प्रभावी संकटमोचक माना जाता था। उन्होंने न केवल पार्टी को कई मौकों पर बिखरने से बचाया, बल्कि मुश्किल राजनीतिक समय में बैक-चैनल कूटनीति के जरिए पार्टी के हितों की रक्षा की।

डेमोक्रेट्स से संपर्क और रणनीति

सूत्रों की मानें तो जेयर्ड कुशनर ने हाल ही में एक शीर्ष डेमोक्रेट नेता से गुप्त मुलाकात की है। इस कदम को ट्रंप प्रशासन के सामने आने वाली भविष्य की संभावित अड़चनों को दूर करने की एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। जिस तरह अहमद पटेल पर्दे के पीछे रहकर सरकार और पार्टी के लिए कठिन समय में समाधान ढूंढते थे, कुशनर भी वही काम कर रहे हैं। वे घरेलू राजनीति के पेचीदा मुद्दों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मामलों तक, हर जगह ट्रंप के लिए एक कुशल क्राइसिस मैनेजर की तरह काम कर रहे हैं।

अहमद पटेल की याद और कुशनर का काम

अहमद पटेल की ख्याति 2017 के राज्यसभा चुनावों के दौरान और अधिक मजबूत हुई थी, जब तमाम बाधाओं के बावजूद उन्होंने अपनी रणनीति से जीत हासिल की थी। गांधी परिवार के लिए उनके द्वारा निभाई गई भूमिका आज भी भारतीय राजनीति में एक उदाहरण की तरह देखी जाती है। ठीक उसी तर्ज पर, जेयर्ड कुशनर अब वाशिंगटन की सत्ता गलियारों में अपनी चालें चल रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी को सुरक्षित करना और उन राजनीतिक खतरों को समय रहते टालना है, जो नवंबर के मिड-टर्म चुनाव के परिणाम के साथ आ सकते हैं। कुशनर की यह सक्रियता यह दर्शाती है कि ट्रंप अपने परिवार के सबसे करीबी सदस्य पर कितना भरोसा जता रहे हैं।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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