ईरान-अमेरिका युद्धविराम पर सट्टेबाजी का बड़ा खेल, व्हाइट हाउस के अधिकारी और ट्रंप के करीबी रडार पर विश्व 20 घंटे पहले 5
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के दौरान गोपनीय जानकारी लीक कर सट्टेबाजी के जरिए लाखों डॉलर कमाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने व्हाइट हाउस में हड़कंप मचा दिया है और कई अधिकारी जांच के दायरे में हैं।

व्हाइट हाउस में इनसाइडर ट्रेडिंग का बड़ा खुलासा

अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण जंग के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने अमेरिकी प्रशासन की सुरक्षा और गोपनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स पर युद्ध से जुड़ी गोपनीय जानकारियों के आधार पर करोड़ों रुपये का दांव लगाए जाने की खबर है। अमेरिकी सरकार के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी कामकाज से जुड़ी गुप्त सूचनाओं को लीक किया, ताकि सट्टेबाजी में इसका फायदा उठाया जा सके। इसे वॉशिंगटन में एक प्रकार की इनसाइडर ट्रेडिंग के रूप में देखा जा रहा है, जिससे व्हाइट हाउस में खलबली मची हुई है।

सट्टेबाजी से मालामाल होने की कहानी

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब सट्टेबाजी के आंकड़ों और सरकारी घोषणाओं के बीच अजीबोगरीब मेल देखने को मिला। मामला अप्रैल महीने से जुड़ा है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की चर्चा चल रही थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अप्रैल को आधिकारिक रूप से ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा की। हालांकि, जांच में पाया गया कि इस घोषणा से कुछ समय पहले ही तीन अज्ञात खातों से युद्धविराम होने की संभावना पर भारी दांव लगाए गए थे। इन खातों ने सटीक भविष्यवाणी करते हुए कुल 6 लाख डॉलर यानी करीब 5 करोड़ रुपये की मोटी रकम कमाई। इस असामान्य गतिविधि के बाद व्हाइट हाउस के कानूनी विशेषज्ञों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की।

ट्रंप के करीबी ऑपरेटर पर गिरी गाज

इस पूरे प्रकरण में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर गैब्रिएल पेरेज का नाम मुख्य रूप से उभर कर सामने आया है। पेरेज वर्ष 2016 से राष्ट्रपति के साथ जुड़े हुए थे और उनके भाषणों के दौरान स्क्रीन प्रबंधन का कार्य देखते थे। आरोप है कि अपने पद का फायदा उठाकर उन्होंने भाषणों की गुप्त जानकारी समय से पहले हासिल कर ली। गैब्रिएल पेरेज ने इस जानकारी का इस्तेमाल करके ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स पर दांव लगाया और 1 लाख डॉलर से अधिक यानी करीब 80 लाख रुपये कमाए। मामला सामने आने के बाद अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमिशन ने उनके खिलाफ औपचारिक जांच शुरू कर दी है और फिलहाल उन्हें बिना वेतन के अवकाश पर भेज दिया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद नाराज हुए और उन्होंने इसे अनुचित करार दिया है।

सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म और सुरक्षा की चुनौती

पॉलीमार्केट और काल्शी जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स पर सट्टेबाजों के लिए अपनी पहचान छुपाना बेहद आसान है, जिससे प्रशासन के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि अंदरखाने से जानकारी कौन लीक कर रहा है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है। साल 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी कुछ ऐसी ही घटना घटी थी। जब ट्रंप अपने उपराष्ट्रपति के नाम का खुलासा करने वाले थे, तब भी किसी ने अंदरूनी खबर लीक की थी कि वे जेडी वेंस को चुनेंगे। उस दौरान भी लोगों ने सट्टेबाजी में करोड़ों रुपये कमाए थे। वर्तमान में व्हाइट हाउस के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी यही है कि कैसे इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी गोपनीय नीतियों और निर्णयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!