यूपी पुलिस का कारनामा: घर पर खड़े ट्रैक्टर का कटा 'बिना हेलमेट' का चालान उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 62
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक किसान के साथ अजीबो-गरीब वाकया हुआ है, जहाँ उनके घर पर खड़े ट्रैक्टर का ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट गाड़ी चलाने का चालान काट दिया।

ट्रैक्टर पर हेलमेट न लगाने का जुर्माना

उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली और उनके द्वारा जारी किए जाने वाले ट्रैफिक चालान अक्सर चर्चा का विषय बने रहते हैं। हालांकि, इस बार सुल्तानपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिस पर यकीन करना मुश्किल है। यहां एक किसान के घर पर खड़े ट्रैक्टर का पुलिस ने बिना हेलमेट के वाहन चलाने का ई-चालान काट दिया है। यह घटना सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

यह हैरान कर देने वाला मामला सुल्तानपुर जिले के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के इसहाकपुर गांव से जुड़ा है। यहां के रहने वाले बृजेश वर्मा एक सामान्य किसान हैं और खेती के कार्यों के लिए अपने ट्रैक्टर का उपयोग करते हैं। हाल ही में उनके मोबाइल पर एक ई-चालान का मैसेज आया, जिसे देखकर वह दंग रह गए। उनके ट्रैक्टर पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का जुर्माना लगाया गया था, और जुर्माने की वजह बताई गई थी—हेलमेट न पहनना। ट्रैक्टर जैसे भारी वाहन पर हेलमेट अनिवार्य नहीं होता, ऐसे में इस चालान ने सबको हैरान कर दिया है।

फोटो बाइक की, नंबर ट्रैक्टर का

जब बृजेश वर्मा ने ई-चालान के पोर्टल पर जाकर इसकी पूरी जानकारी देखी, तो इस गलती की असल वजह सामने आई। पोर्टल पर सबूत के तौर पर जो फोटो अपलोड की गई थी, उसमें एक युवक बिना हेलमेट पहने मोटरसाइकिल चलाता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुलिस ने जो रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया था, वह मोटरसाइकिल का नहीं बल्कि बृजेश वर्मा के ट्रैक्टर का था। इतना ही नहीं, चालान में जो स्थान दर्ज किया गया, वह भी गलत था। साफ है कि पुलिस ने जल्दबाजी में या सिस्टम की गलती के कारण गलत नंबर फीड कर दिया।

शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत

इस बेतुके चालान से परेशान होकर पीड़ित किसान ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसका शिकायत नंबर 92617900029137 है। जांच के बाद यह पता चला कि यह गलती सुल्तानपुर पुलिस की नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर की बेवाना थाना पुलिस द्वारा की गई है। आईजीआरएस की रिपोर्ट में पुलिस ने अपनी गलती स्वीकार करने और उसे ठीक करने के बजाय अपना पल्ला झाड़ लिया। रिपोर्ट में पीड़ित को ही यह सलाह दी गई है कि वह स्वयं बेवाना थाने या संबंधित एआरटीओ कार्यालय जाकर इस गलत चालान को निरस्त करवाएं।

सिस्टम से परेशान किसान

बिना किसी गलती के अब किसान बृजेश वर्मा को सरकारी कार्यालयों और आरटीओ के चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह घटना न केवल तकनीकी खामियों को दर्शाती है बल्कि पुलिस की लापरवाही को भी उजागर करती है। इलाके में इस 'हेलमेट वाले ट्रैक्टर' के चालान की खूब चर्चा हो रही है और लोग सिस्टम की इस कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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