अंबाला के विशाल वर्मा की अनूठी पहल: कोरोना काल के बाद से बदल गई जीवन की दिशा, टीबी मरीजों की कर रहे सेवा हरियाणा एक घंटा पहले 3
अंबाला के रहने वाले विशाल वर्मा ने समाजसेवा को ही अपने जीवन का मकसद बना लिया है। एक सर्राफ होने के बावजूद वे अस्पताल के मरीजों को फल बांटने से लेकर टीबी पीड़ितों को गोद लेने जैसे नेक काम कर रहे हैं।

समाजसेवा के लिए समर्पित विशाल वर्मा का जीवन

हरियाणा के अंबाला शहर में रहने वाले विशाल वर्मा का नाम आज एक मिसाल बन चुका है। विशाल ने जिस तरह से निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की मदद का बीड़ा उठाया है, वह कई लोगों के लिए प्रेरणा है। एक निजी बातचीत में उन्होंने बताया कि उनका मुख्य पेशा सर्राफा कारोबार से जुड़ा है, लेकिन इसके बावजूद वे समाजसेवा के कार्यों के लिए नियमित रूप से अपना कीमती समय निकालते हैं। उनके लिए दूसरों की परेशानियों को अपना समझकर सुलझाना जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य बन गया है।

कोरोना के बाद बदली जीवन की प्राथमिकताएं

विशाल के जीवन में यह बड़ा बदलाव कोरोना महामारी के दौरान आया था। उस दौर की कठिनाइयों को करीब से देखने के बाद उन्होंने तय किया कि वे अपना जीवन लोगों की सेवा में समर्पित करेंगे। अब उनकी सामाजिक संस्था सक्रिय रूप से काम कर रही है। वर्तमान में उनकी संस्था अंबाला के नागरिक अस्पताल में हर दिन 200 से अधिक मरीजों को फल वितरित करने का कार्य करती है।

टीबी मरीजों के लिए विशेष सहयोग

विशाल वर्मा की संस्था का काम केवल यहीं तक सीमित नहीं है। वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए टीबी से ग्रसित मरीजों को गोद लेने का काम भी कर रहे हैं। इन मरीजों की देखरेख के लिए उनकी संस्था द्वारा करीब 6 महीने तक राशन उपलब्ध करवाया जाता है, ताकि इलाज के दौरान उन्हें पोषण संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

अन्य सामाजिक गतिविधियां

विशाल समाज को स्वस्थ और शिक्षित बनाने की दिशा में भी सक्रिय हैं। वे लोगों को योग का अभ्यास सिखाते हैं ताकि वे शारीरिक रूप से मजबूत रह सकें। इसके अलावा, वे सरकारी स्तर पर चलाए जा रहे 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे महत्वपूर्ण अभियानों के साथ भी पूरी निष्ठा से जुड़े हुए हैं। उनकी ये कोशिशें अंबाला के आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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