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एक घंटा पहले
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ऑनलाइन जालसाजी का नया शिकार
राजस्थान के अलवर शहर से ऑनलाइन ठगी के दो बेहद हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं। साइबर अपराधियों ने अपनी चालाकी से एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर और देश की सुरक्षा में तैनात सेना के जवान को निशाना बनाया है। इन दोनों अलग-अलग वारदातों में पीड़ितों को कुल 4.39 लाख रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। पुलिस ने दोनों ही पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और बैंक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई है।
रिटायर्ड बैंक मैनेजर के साथ 2.83 लाख की ठगी
पहले मामले में साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर एक फर्जी बैंक विज्ञापन का सहारा लिया। इस भ्रामक विज्ञापन में सेवानिवृत्त कर्मियों को रिटायरमेंट बेनिफिट कार्ड देने का लालच दिया गया था। पीड़ित रिटायर्ड बैंक मैनेजर इस विज्ञापन के झांसे में आ गए। जैसे ही उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर जाकर अपनी संवेदनशील बैंकिंग जानकारियां दर्ज कीं, ठगों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया। इसके तुरंत बाद पीड़ित के खाते से 2.83 लाख रुपये निकाल लिए गए।
सेना के जवान से लोन के नाम पर 1.56 लाख की धोखाधड़ी
दूसरा मामला इटाराना कैंट में तैनात सेना के एक जवान से जुड़ा हुआ है। पीड़ित जवान ने ऑनलाइन लोन की अपनी एक किस्त गलती से दो बार जमा कर दी थी। इस अतिरिक्त जमा राशि को वापस पाने के लिए उन्होंने यूट्यूब पर कस्टमर केयर का नंबर खोजा। दुर्भाग्य से, वह नंबर साइबर ठगों का था। नकली कस्टमर केयर कर्मचारी ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताकर मदद करने का नाटक किया और जवान से फोन पर आए ओटीपी (OTP) को हासिल कर लिया। इसके बाद जालसाजों ने जवान के नाम पर ही 1.56 लाख रुपये का एक नया लोन मंजूर करवाकर पूरी राशि हड़प ली।
पुलिस की कार्रवाई
इन दोनों मामलों की शिकायत मिलने के बाद अलवर पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के इस नेटवर्क का पता लगाने के लिए उन बैंक खातों और ट्रांजैक्शन विवरणों की गहनता से जांच की जा रही है, जिनमें ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई थी।
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