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3 घंटे पहले
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विधानसभा में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घमासान
चेन्नई में बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा का सत्र उस समय बेहद हंगामेदार हो गया जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके पास प्रदेश के तीन महत्वपूर्ण सरकारी विभागों में हुए कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी तमाम फाइलें और सबूत मौजूद हैं। उन्होंने डीएमके के पूर्व मंत्रियों और विधायकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे उन्हें अभी इन फाइलों को सार्वजनिक करने के लिए उकसाएं नहीं। सीएम विजय ने भरोसा दिलाया कि वह इन संवेदनशील जानकारियों को एक उचित समय आने पर जनता के सामने जरूर उजागर करेंगे।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
विधानसभा में गहमागहमी तब शुरू हुई जब जल संसाधन मंत्री एन. आनंद ने पिछली सरकार की आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान अयोग्य लाभार्थियों को आवास आवंटित किए गए थे। यह आरोप तब लगाए गए जब डीएमके के पूर्व मंत्री आई. पेरियासामी राज्य सरकार की विशेष योजना 'कलैगनार कनावु इल्लम थिट्टम' पर अपना पक्ष रख रहे थे। इन टिप्पणियों पर डीएमके खेमे ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
सबूतों के खुलासे पर मुख्यमंत्री का रुख
इस बहस में स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन भी कूद पड़े। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब भी भ्रष्टाचार के प्रमाणों की बात आती है, डीएमके विधायक मौन साध लेते हैं। राजमोहन ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार की पूरी रिपोर्ट उजागर कर दी, तो डीएमके के नेता कल्पना भी नहीं कर पाएंगे कि उनके साथ क्या होगा। जब विपक्ष ने आरोपों को सिद्ध करने के लिए तत्काल सबूत पेश करने की मांग की, तो मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह पूर्व वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने उन्हें तीन विभागों की विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट सौंपी है। सीएम ने सदन में स्पष्ट कहा, इन रिपोर्टों के पन्ने मेरी मेज पर रखे हैं। मुझे इन्हें खोलने के लिए विवश न किया जाए, मैं सही वक्त आने पर सब कुछ सामने ला दूंगा।
जनता के भरोसे और राजनीति का उल्लेख
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सीएम विजय ने कहा कि उन्हें बखूबी पता है कि कब और किस लहजे में बात करनी है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें और उनकी सरकार को प्यार और स्नेह देकर सत्ता सौंपी है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि वह अभी तक इसलिए शांत थे ताकि आगामी उपचुनावों में किसी के लिए असहज स्थिति पैदा न हो।
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