नेपाल में फिर मंडराया आपदा का साया: छोचेन नदी के पास हिमखंड टूटने की चेतावनी, चीन ने दी जानकारी विश्व 2 घंटे पहले 4
नेपाल में हालिया बाढ़ के बीच छोचेन नदी क्षेत्र में हिमखंडों के टूटने का खतरा बरकरार है। चीन ने इस संबंध में नेपाल सरकार को सतर्क करते हुए अपनी रिपोर्ट साझा की है।

नेपाल में मंडरा रहा है नया खतरा

नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ और तबाही के बाद अब एक और बड़ी आपदा की आशंका ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। छोचेन नदी के पास बने इम्पैक्ट क्रेटर के इर्द-गिर्द मौजूद विशाल हिम चट्टानों के टूटने का जोखिम अभी टला नहीं है। इस संभावित खतरे को देखते हुए चीन के दूतावास ने नेपाल प्रशासन के साथ जरूरी जानकारी साझा की है, ताकि समय रहते एहतियाती कदम उठाए जा सकें।

चीन के जलस्रोत मंत्रालय ने दी जानकारी

चीन के आधिकारिक मीडिया संस्थान सीसीटीवी न्यूज़ के अनुसार, चीन के जलस्रोत मंत्रालय ने मंगलवार को इस मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। मंत्रालय दक्षिण-पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र स्थित ग्यिरोंग काउंटी में मलबे वाली बाढ़ से उपजे खतरों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। मंत्रालय की ओर से रिमोट-सेंसिंग तस्वीरों का बारीकी से अध्ययन किया गया है, जिसमें ग्यिरोंग त्सांगपो नदी बेसिन के 14 हिमतालों के जलस्तर का विश्लेषण शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल ये सभी झीलें स्थिर स्थिति में हैं और इनमें कोई असामान्य बदलाव दर्ज नहीं किया गया है।

ड्रोन सर्वे में क्या आया सामने

चीनी अधिकारियों द्वारा मंगलवार सुबह नेपाली समयानुसार 5:45 बजे ड्रोन के जरिए ली गई तस्वीरों से पता चला है कि छोचेन नदी के इम्पैक्ट क्रेटर में जमा हुआ अधिकांश पानी अब बाहर निकल चुका है। राहत की बात यह है कि निचले इलाकों में नदी का जलप्रवाह फिलहाल सामान्य बना हुआ है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि क्रेटर के आसपास अभी भी बड़े हिमखंड या हिमनद के अचानक टूटने की संभावना बनी हुई है। इन हिमखंडों के गिरने से भविष्य में गंभीर आपदा आ सकती है। इस महत्वपूर्ण जानकारी को चीनी दूतावास ने नेपाल के मौसम विज्ञान विभाग और बाढ़ पूर्वानुमान केंद्र तक पहुंचा दिया है।

शव की पहचान को लेकर उलझन

दूसरी तरफ, नेपाल में विनाशकारी बाढ़ ने भारी तांडव मचाया है। आपदा में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1003 तक पहुंच गई है। प्रशासन द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और आशंका है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। इस स्थिति के बीच अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए शिनाख्त करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। पोखरा के सरकारी अस्पताल में रखे गए 1003 नंबर वाले शव को लेकर स्थिति काफी उलझी हुई है। इस एक शव के लिए 3 अलग-अलग परिवारों ने अपना दावा पेश किया है। ये तीनों परिवार बाढ़ के बाद से लापता अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं और शव की पहचान को लेकर असमंजस बरकरार है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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