अजमेर के 2 साल के नन्हे स्केटर प्रांश दगदी ने रचा इतिहास, 3 किलो वजन के साथ बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड राजस्थान एक घंटा पहले 5
राजस्थान के अजमेर में रहने वाले मात्र 2 साल 10 महीने और 7 दिन के प्रांश दगदी ने स्केटिंग में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर सबको हैरान कर दिया है। उन्होंने अपने शरीर पर 3 किलोग्राम वजन रखकर 60 मीटर की दूरी को 1 मिनट 12 सेकंड में पूरा किया।

अजमेर के नन्हे प्रतिभावान खिलाड़ी का बड़ा कारनामा

राजस्थान के अजमेर शहर से एक बेहद प्रेरणादायक और अद्भुत खबर सामने आई है। यहाँ के रहने वाले प्रांश दगदी ने साबित कर दिया है कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए उम्र नहीं, बल्कि हौसला और मेहनत मायने रखती है। महज 2 साल 10 महीने और 7 दिन की आयु में इस नन्हे बच्चे ने स्केटिंग के क्षेत्र में जो उपलब्धि हासिल की है, उसने न केवल उसके परिवार का बल्कि पूरे शहर और देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। प्रांश की इस उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह दी गई है और उन्हें इसके लिए प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है।

क्या है प्रांश का यह विश्व रिकॉर्ड

इस नन्हे स्केटर ने जो कारनामा कर दिखाया है, वह बड़ों-बड़ों के लिए भी आसान नहीं होता है। प्रांश दगदी ने अपने शरीर पर 3 किलोग्राम वजन का भार लेकर स्केटिंग की। इस दौरान उन्होंने 60 मीटर की दूरी को मात्र 1 मिनट 12 सेकंड में सफलता के साथ पार किया। उनके इस साहसी और कठिन प्रदर्शन के वीडियो फुटेज और अन्य जरूरी सबूतों को वेरिफिकेशन के लिए बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की कमेटी के पास भेजा गया था। कमेटी ने सभी साक्ष्यों की गहन जांच-पड़ताल की और अंततः इस अद्वितीय प्रदर्शन को आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड के रूप में स्वीकार किया। प्रमाण पत्र पर दर्ज जानकारी के अनुसार, यह रिकॉर्ड 14 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया है और इसकी आधिकारिक संख्या BWR/IND/2026/001604 है।

अनुशासन और कठिन मेहनत का परिणाम

अजमेर के वंडर वर्ल्ड प्ले स्कूल में पढ़ने वाले प्रांश दगदी के पिता सूरज दगदी और माता निर्मला बागड़ी अपने बेटे की इस सफलता से बेहद खुश हैं। प्रांश की यह कहानी रातों-रात नहीं बनी है, बल्कि इसके पीछे महीनों की कड़ी मेहनत छिपी है। प्रांश ने स्केटिंग की बारीकियां सीखना बहुत कम उम्र में ही शुरू कर दिया था, जब वह महज 2 साल 2 महीने के थे। पिछले 10 महीनों से वह लगातार अभ्यास कर रहे हैं। उनकी दिनचर्या काफी अनुशासित है और वे प्रतिदिन सुबह 4 से 6 बजे तक और शाम को 5 से 7 बजे तक यानी रोजाना कुल 4 घंटे स्केटिंग का अभ्यास करते हैं।

परिवार का अटूट समर्थन और मार्गदर्शन

जब परिवार ने प्रांश की इस विशेष प्रतिभा को पहचाना, तो उन्होंने बच्चे को विश्व स्तर पर अपना नाम बनाने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया। इस रिकॉर्ड के लिए उन्हें विशेष रूप से एक महीने तक कड़ा प्रशिक्षण दिया गया था। प्रांश ने न केवल अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि अपने आत्मविश्वास और खेल के प्रति एकाग्रता का भी लोहा मनवाया है। इस कम उम्र में इतना संयम और अनुशासन दिखाना वाकई काबिले तारीफ है।

खुशी का माहौल और प्रेरणा की नई लहर

प्रांश दगदी की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोग इस नन्हे उस्ताद की प्रतिभा की सराहना कर रहे हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं। प्रांश की यह उपलब्धि उन सभी बच्चों और युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है जो खेल या किसी अन्य क्षेत्र में कुछ नया करने की इच्छा रखते हैं। यह साबित हो गया है कि यदि सही मार्गदर्शन और अटूट संकल्प हो, तो किसी भी रिकॉर्ड को तोड़ना संभव है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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