राजस्थान
2 महीने पहले
69
विचारों
राजस्थान में जेलों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। राज्य की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेलों से लेकर पुलिस थानों तक में अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल का है, जहां बंद खूंखार डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई है। इस सनसनीखेज वारदात ने यह साफ कर दिया है कि जेलों के भीतर जेल प्रशासन का नहीं, बल्कि खूंखार अपराधियों का ही सिक्का चलता है।
अजमेर जेल में खूनी खेल, डकैत जगन गुर्जर की हत्या
अजमेर की जिस हाई सिक्योरिटी जेल को अभेद्य माना जाता था, वहां डकैत जगन गुर्जर की हत्या की घटना ने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। सुरक्षा के कड़े दावों के बीच जेल के अंदर इस तरह की खूनी वारदात का होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। इस घटना से जेल प्रशासन की लापरवाही साफ उजागर होती है, जहां कैदी आपस में ही हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
जेल के भीतर से CM को मिली जान से मारने की धमकी
राजस्थान की जेलों में सुरक्षा की स्थिति कितनी बदतर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जेल के भीतर से ही राज्य के CM को जान से मारने की धमकियां दी जा चुकी हैं। यह कोई एक बार की घटना नहीं है, बल्कि अपराधियों ने जेल के अंदर से ही तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी दी है। जेलों के अंदर मोबाइल फोन का आसानी से पहुंचना और वहां से नेटवर्क चलाना अब एक आम बात बन चुकी है।
बीकानेर जेल में गैंगवार और थानों पर AK-47 से हमला
राजस्थान की जेलें केवल धमकियों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यहां जेल के भीतर खूनी गैंगवार की घटनाएं भी आम हो चुकी हैं। इससे पहले बीकानेर जेल में भी भयानक गैंगवार देखने को मिला था, जहां कैदियों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चली थीं। इसके अलावा, अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पुलिस प्रशासन को सीधी चुनौती दे रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला था जब थाने के लॉकअप में बंद एक गैंगस्टर को उसके साथी AK-47 जैसे आधुनिक हथियारों से हमला करके छुड़ा ले गए थे।
Comments
0 comment