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2 घंटे पहले
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यमन की राजधानी में हवाई कार्रवाई
ईरान के समर्थन वाले हूती विद्रोहियों ने सोमवार को एक बयान जारी कर जानकारी दी है कि यमन की राजधानी सना के दो अलग-अलग हिस्सों में हवाई हमले किए गए हैं। इन हमलों के लिए हूतियों ने सीधे तौर पर सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। हूती विद्रोही मीडिया सेंटर के मुताबिक, ये हमले सोमवार की आधी रात के आसपास हुए, जिसमें सना के हमदान और थौरा जिलों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन हमलों में हुए नुकसान या हताहतों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। सऊदी अरब की सरकार या सेना की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के विभिन्न हवाई अड्डों को निशाना बनाकर लगातार ड्रोन और मिसाइलें दागी जा रही हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर है।
टैंकर पर ड्रोन का हमला, दो भारतीय लापता
एक अलग और बेहद गंभीर घटनाक्रम में, भारत के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक कमर्शियल टैंकर पर ड्रोन से हमला हुआ है। मंत्रालय के अनुसार, रविवार को जब यह हमला हुआ, तब MT PETRO DOLPHIN नामक टैंकर पर कुल 11 भारतीय नाविक मौजूद थे। इस भीषण ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नाविकों के लापता होने की खबर है। मंत्रालय ने बताया कि मस्कट स्थित भारतीय दूतावास लगातार ओमान के स्थानीय अधिकारियों और संबंधित शिपिंग कंपनियों के संपर्क में है ताकि लापता नाविकों का पता लगाया जा सके।
उसी इलाके में एक अन्य समुद्री घटना भी सामने आई है। मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाले टैंकर MT VALTHERA पर भी किसी अज्ञात वस्तु से प्रहार किया गया, जिसके कारण उसमें आग लग गई। राहत की बात यह है कि उस जहाज पर सवार सभी 11 भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए हैं। भारत सरकार ने समुद्री मार्गों पर कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय का स्पष्ट कहना है कि इस तरह के हमले बेहद चिंताजनक हैं और पहले से ही अस्थिर चल रहे इस क्षेत्र के हालात को और अधिक बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।
संयुक्त अरब अमीरात ने जताई चिंता
क्षेत्रीय सुरक्षा के मद्देनजर संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने कड़ा रुख अपनाते हुए खाड़ी देशों की संयुक्त कार्रवाई की मांग उठाई है। यूएई के शीर्ष राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश ने ईरान और उसके सहयोगी समूहों द्वारा किए जा रहे हमलों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि ईरान और उसके समर्थकों को गलतफहमी थी कि वे अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष में खाड़ी के अरब देशों को सबसे कमजोर कड़ी साबित कर पाएंगे। गर्गश ने जोर देकर कहा कि खाड़ी क्षेत्र के सभी देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है और कोई भी देश अकेला सुरक्षित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब पर होने वाले किसी भी हमले का सीधा प्रभाव UAE और अन्य खाड़ी देशों की सुरक्षा पर भी पड़ता है।
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