मिर्जापुर: पिता से कालीन बुनाई सीख आत्मनिर्भर बनी ज्ञान देवी, कालीन पर उकेरी प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर उत्तर प्रदेश 2 घंटे पहले 5
मिर्जापुर की रहने वाली ज्ञान देवी ने अपने पिता से कालीन बुनाई की कला सीखी और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर अपनी मेहनत से न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं के लिए मिसाल बनी हुई हैं।

हुनर के दम पर बदली अपनी तकदीर

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की रहने वाली ज्ञान देवी आज आत्मनिर्भरता की एक नई कहानी लिख रही हैं। सरकार की ओर से महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के प्रयासों के बीच, ज्ञान देवी ने अपनी मेहनत और कला के बल पर न केवल अपनी जीविका का जरिया ढूंढ लिया है, बल्कि वे अपने आसपास की दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बन गई हैं। उन्होंने कालीन बुनाई जैसी पारंपरिक कला को न केवल अपनाया, बल्कि उसे एक नए स्तर पर ले जाकर अपनी पहचान बनाई है।

पिता से सीखी बुनाई की बारीकियां

ज्ञान देवी मिर्जापुर के कपसेठी गांव की निवासी हैं। उनके पिता स्वयं कालीन बुनाई के काम से जुड़े थे, और ज्ञान देवी ने बचपन से ही उन्हें यह काम करते हुए देखा था। पिता से ही उन्होंने कालीन बुनाई की बारीकियां सीखीं और इस हुनर में निपुणता हासिल की। उन्होंने बताया कि कालीन की बुनाई सीखने के बाद से ही उनके मन में इसे अपनी आजीविका बनाने का विचार आया था। उन्होंने पूरी लगन के साथ इस कार्य में खुद को झोंक दिया और कालीन तैयार करना शुरू किया।

प्रधानमंत्री की तस्वीर उकेरकर बटोरी सुर्खियां

ज्ञान देवी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व से बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें एक बार गुजरात में प्रधानमंत्री से मुलाकात करने का अवसर प्राप्त हुआ था। उस मुलाकात से उन्हें काफी प्रोत्साहन मिला और उनके मन में प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान बढ़ा। इसी प्रेरणा के चलते उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए कालीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेहद खूबसूरत तस्वीर उकेर दी। यह उनकी कलात्मक क्षमता और मेहनत का ही परिणाम है कि उन्होंने इतनी जटिल बुनाई को इतनी बारीकी से कालीन पर उतार दिया।

आर्थिक रूप से सशक्त बनीं ज्ञान देवी

आज ज्ञान देवी अपने इस हुनर के जरिए अच्छी खासी कमाई कर रही हैं। वे प्रतिदिन 500 से 600 रुपये तक कमा लेती हैं। घर के रोजमर्रा के कामों को संभालने के साथ ही वे इस काम से महीने में लगभग 15 से 16 हजार रुपये तक की आमदनी कर रही हैं। उनकी यह सफलता साबित करती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो पारंपरिक हुनर के जरिए कोई भी महिला न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो सकती है, बल्कि अपने परिवार को आर्थिक संबल भी प्रदान कर सकती है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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