एयर इंडिया का विस्तार प्लान: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या फिर बढ़ सकती है व्यापार 2 महीने पहले 81
एयर इंडिया अपने इंटरनेशनल और घरेलू फ्लाइट्स की संख्या में कटौती के बाद अब फिर से बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। एटीएफ की कीमतों में नरमी और पश्चिम एशिया में कम होते तनाव के चलते कंपनी यह फैसला ले सकती है।

एयर इंडिया फ्लाइट्स की संख्या में कर सकती है इजाफा

टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया अपनी उड़ान सेवाओं का विस्तार करने की योजना बना रही है। एयर इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन ने स्पष्ट किया है कि यदि पश्चिम एशिया में स्थिति सामान्य रहती है और एटीएफ यानी विमान ईंधन की कीमतों में गिरावट का सिलसिला बरकरार रहता है, तो एयरलाइन अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या फिर से बढ़ा सकती है। कंपनी ने बीते कुछ महीनों के दौरान इंटरनेशनल रूटों पर उड़ानों में जो कटौती की थी, उसे वापस लेने की तैयारी है।

मई में की गई थी बड़ी कटौती

उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया ने बीते मई महीने में अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की भारी कटौती की थी। इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण एयर स्पेस पर लगे प्रतिबंध और एटीएफ की लगातार बढ़ती कीमतें थीं। ईंधन महंगा होने से लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय रूटों पर विमान उड़ाना कंपनी के लिए काफी खर्चीला साबित हो रहा था। इस वित्तीय दबाव को कम करने के लिए एयरलाइन ने न केवल अंतरराष्ट्रीय, बल्कि घरेलू उड़ानों में भी 22 प्रतिशत की अस्थायी कटौती लागू की थी।

पश्चिम एशिया की स्थिति और भविष्य की संभावनाएं

शुक्रवार को अपने कर्मचारियों के नाम एक संदेश में कैंपबेल विल्सन ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव में कमी आई है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि स्थिति के दोबारा बिगड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन वर्तमान में एयर स्पेस की उपलब्धता बेहतर हुई है और विमान ईंधन की कीमतों में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। विल्सन ने उम्मीद जताई कि यदि यह सकारात्मक रुख बना रहता है, तो एयर इंडिया उन उड़ानों को फिर से शुरू करने की स्थिति में आ जाएगी जिन्हें पहले बंद किया गया था।

एटीएफ का खर्च और फ्लीट विस्तार

बता दें कि किसी भी विमानन कंपनी के कुल संचालन खर्च में एटीएफ का हिस्सा 40 प्रतिशत से भी अधिक होता है, जिसके चलते ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे मुनाफे पर असर डालता है। अब जब ईंधन की कीमतों में कुछ नरमी आई है, तो कंपनी अपने संचालन को विस्तार देने के बारे में सोच रही है। इसके अलावा, एयर इंडिया अपनी फ्लीट क्षमता को मजबूत करने पर भी काम कर रही है। विल्सन के अनुसार, इस साल कंपनी के बेड़े में 8 नए या रीकंस्ट्रक्टेड चौड़ी बॉडी वाले एयरक्राफ्ट शामिल किए जाएंगे। इस कड़ी में इस सप्ताह के अंत तक एक नया B-787-9 विमान भी कंपनी में शामिल हो जाएगा।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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