भारत
5 घंटे पहले
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एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दौरान हवा में अचानक आई भारी गिरावट के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बताया है कि फुकेट से दिल्ली आ रही इस फ्लाइट के मुख्य पायलट के शरीर में प्रतिबंधित मादक पदार्थ (Psychoactive Substance) होने की पुष्टि हुई है। जांच एजेंसी ने पायलट द्वारा नशीले पदार्थों के इस तरह के सेवन को सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर और चिंताजनक माना है। इस खुलासे के बाद AAIB ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से आरोपी पायलट के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
हवा में अचानक आई थी भारी गिरावट, 24 लोग हुए थे घायल
यह पूरा मामला बीते 4 अगस्त को हुआ था, जब यह फ्लाइट अचानक आसमान में करीब 300 फीट नीचे आ गई थी। हवा में आए इस भयानक झटके के कारण विमान में सवार कई यात्रियों और क्रू सदस्यों को चोटें आई थीं। इस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए AAIB ने अपनी अंतरिम सुरक्षा सिफारिशों में स्पष्ट किया कि चालक दल के एक मुख्य सदस्य की जांच रिपोर्ट 'निगेटिव नहीं' आई है। इसके बाद विमानन नियामक DGCA से सुरक्षा के कड़े कदम उठाने और ऐसे नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।
हादसे का शिकार हुए विमान और घायलों का पूरा विवरण
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की इस फ्लाइट का नंबर AI 2379 था। इस उड़ान का संचालन एयरबस A320-251N विमान के जरिए किया जा रहा था, जिसका पंजीकरण संख्या VT-EXO है। हादसे के वक्त इस विमान में 2 पायलटों और क्रू के 6 सदस्यों सहित कुल 145 लोग सवार थे। AAIB की 10 पन्नों की इस शुरुआती जांच रिपोर्ट के अनुसार, जब विमान दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंड कर गया, तब कुल 24 यात्रियों और क्रू सदस्यों को तत्काल मेडिकल हेल्प की जरूरत पड़ी थी। इनमें से 4 लोगों को बहुत गंभीर चोटें आई थीं।
जांच में नशीले पदार्थों के सेवन की पुष्टि से हड़कंप
जांच ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि मुख्य पायलट के ऊपर किया गया 'साइकोएक्टिव सब्सटेंस' (Psychoactive Substance) टेस्ट 'निगेटिव नहीं' रहा, जिसका सीधा मतलब है कि उनके शरीर में प्रतिबंधित मादक पदार्थ के अंश पाए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी मुख्य पायलट द्वारा उड़ान के दौरान ऐसे पदार्थों का सेवन करना सुरक्षा के मानकों के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है और यह एक बेहद गंभीर विषय है। इसी वजह से AAIB ने प्राथमिकता के आधार पर DGCA को पायलट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश भेजी है।
हादसे की श्रेणी में रखा गया पूरा मामला
शुरुआती दौर में इस घटना को केवल हवा में आने वाले सामान्य झटके यानी 'टर्बुलेंस' के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि, बाद में जब जांच दल ने यात्रियों को आई गंभीर चोटों और विमान से मिले अन्य तकनीकी सबूतों का गहराई से विश्लेषण किया, तो इस घटना की गंभीरता को देखते हुए इसे 'दुर्घटना' (Accident) की श्रेणी में शामिल कर दिया गया।
जांच दल ने चालक दल से की अलग-अलग पूछताछ
इस गंभीर मामले की तह तक जाने के लिए जांच एजेंसी लगातार तमाम पहलुओं पर काम कर रही है और संबंधित आंकड़ों को खंगाल रही है। AAIB के जांच दल ने दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचते ही पूरे केबिन क्रू और उड़ान दल के सदस्यों से प्रारंभिक बातचीत की थी। इसके बाद, जांच को निष्पक्ष और सटीक बनाए रखने के लिए उड़ान दल के दोनों सदस्यों से अलग-अलग कमरों में ले जाकर विस्तार से पूछताछ भी की गई है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
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