आगरा में पुलिस का मानवीय चेहरा: जंगल में बासी रोटी खा रही बुजुर्ग को देख पसीजा ACP का दिल उत्तर प्रदेश 2 घंटे पहले 8
उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बुजुर्ग महिला की मदद के लिए पुलिस की एक टीम आगे आई है। जंगल में अकेली रहने वाली इस महिला को एसीपी इमरान अहमद ने राशन और कपड़े मुहैया कराए, जिसका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आगरा पुलिस का वीडियो

उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने खाकी के प्रति लोगों के नजरिए को और अधिक सम्मानजनक बना दिया है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो जमकर सुर्खियां बटोर रहा है जिसमें एसीपी इमरान अहमद अपनी पुलिस टीम के साथ एक बुजुर्ग महिला की मदद करते नजर आ रहे हैं। यह महिला शहर से दूर एक सुनसान जंगल में बनी अपनी छोटी सी झोपड़ी में अकेले जीवन यापन कर रही है। पुलिस को अपने करीब आता देख पहले तो वह महिला बुरी तरह घबरा गई थी, लेकिन बाद में पुलिस अधिकारियों का व्यवहार देखकर उसकी सारी चिंताएं दूर हो गईं।

जंगल में बदहाली के बीच जी रही थी अम्मा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बुजुर्ग महिला आगरा के एक वीरान इलाके में जंगल के बीच बसी अपनी कच्ची झोपड़ी में अकेली रहती हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं है और न ही परिवार का कोई सदस्य उनके साथ है। अभावों से जूझती इस महिला के पास खाने-पीने की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। जब एसीपी इमरान अहमद अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि महिला अपनी भूख मिटाने के लिए मजबूरी में बासी रोटियां खा रही है। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद सभी पुलिसकर्मी भावुक हो गए।

मिशन शक्ति के तहत पहुंची मदद

यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत की गई थी। एसीपी इमरान अहमद अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण और जनसंपर्क के लिए निकले थे, तभी उनकी नजर इस बुजुर्ग महिला की झोपड़ी पर पड़ी। महिला के पास मौजूद सीमित संसाधनों और उनकी दयनीय स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों ने न केवल महिला का हाल जाना, बल्कि उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

राशन और साड़ी पाकर छलक आईं आंखें

एसीपी इमरान अहमद ने अपनी टीम के जरिए महिला की तत्काल जरूरतों को पूरा करने का निर्णय लिया। उन्होंने महिला को बड़ी मात्रा में आटा, दाल, चावल और ताजे फल उपलब्ध कराए। इसके अलावा, उन्हें पहनने के लिए एक नई साड़ी भी भेंट की गई। अचानक मिली इस मदद और सम्मानजनक व्यवहार को पाकर बुजुर्ग महिला की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने हाथ जोड़कर पुलिस अधिकारियों को दिल से दुआएं दीं। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक करने वाला था, जिसका वीडियो अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्थायी घर और सरकारी मदद का भरोसा

इतना ही नहीं, एसीपी इमरान अहमद ने महिला की अन्य समस्याओं को भी विस्तार से सुना। उन्होंने वादा किया कि बुजुर्ग महिला को भविष्य में ऐसी किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। पुलिस टीम ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले और उनके रहने के लिए एक बेहतर और सुरक्षित व्यवस्था की जा सके। पुलिस के इस मानवीय कृत्य ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खाकी वर्दी केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नहीं है, बल्कि वह समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में भी कार्य करती है। आगरा पुलिस के इस नेक कदम की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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