Advit Jewels की शानदार बाजार एंट्री, 37 प्रतिशत के मुनाफे के साथ निवेशकों की हुई चांदी आईपीओ 2 महीने पहले 66
जयपुर स्थित एडविट ज्वैल्स का आईपीओ शेयर बाजार में जोरदार अंदाज में उतरा है, जहां निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही 37 प्रतिशत तक का मुनाफा मिला है।

शेयर बाजार में एडविट ज्वैल्स की दमदार शुरुआत

जयपुर की जानी मानी ज्वैलरी कंपनी एडविट ज्वैल्स ने आज भारतीय शेयर बाजार में अपनी धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराई है। कंपनी के शेयरों ने उम्मीद के अनुरूप निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है। बीएसई पर कंपनी का शेयर 138 रुपये के अपने तय इश्यू प्राइस की तुलना में 35.50 प्रतिशत की तेजी के साथ 187 रुपये के स्तर पर सूचीबद्ध हुआ। वहीं, एनएसई पर कंपनी के शेयरों की शुरुआत और भी बेहतर रही, जहां यह 36.88 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ 188.90 रुपये पर खुले। इस शानदार लिस्टिंग के बाद कंपनी का कुल मार्केट कैप 814.27 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

निवेशकों का मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स

इस आईपीओ को लेकर बाजार में निवेश का जो उत्साह देखने को मिला, वह ऐतिहासिक रहा। 23 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला यह आईपीओ 25 जून को बंद हुआ था। इन तीन दिनों की अवधि के दौरान निवेशकों ने जमकर बोलियां लगाईं। अंतिम दिन तक इस आईपीओ को कुल 212.63 गुना सब्सक्राइब किया गया, जो कंपनी के प्रति बाजार के भरोसे को दर्शाता है। यह सफलता सभी श्रेणियों के निवेशकों की भागीदारी के कारण संभव हो सकी।

विभिन्न श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन का गणित

आईपीओ के आंकड़ों पर नजर डालें तो गैर संस्थागत निवेशकों यानी NII श्रेणी में सबसे अधिक उत्साह दिखा, जहां इस हिस्से को 536.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसके अलावा, पात्र संस्थागत खरीदारों यानी QIB के लिए आरक्षित हिस्सा 174.98 गुना भरा गया। खुदरा निवेशकों ने भी पीछे न रहते हुए अपने हिस्से को 95.30 गुना सब्सक्राइब किया। गौरतलब है कि आईपीओ खुलने के पहले ही दिन इसे पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया था।

आईपीओ की प्रमुख विशेषताएं और अलॉटमेंट

एडविट ज्वैल्स ने इस आईपीओ के जरिए बाजार से 165 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है। कंपनी ने इसके लिए 130 रुपये से 138 रुपये के बीच का प्राइस बैंड निर्धारित किया था। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 100 शेयर रखे गए थे। निवेशकों के लिए शेयरों का अलॉटमेंट 29 जून को पूरा किया गया था। यह पूरा आईपीओ 1.20 करोड़ नए शेयरों का एक ताजा निर्गम था, जिसमें किसी भी प्रकार की बिक्री पेशकश यानी OFS का विकल्प शामिल नहीं था। कंपनी जुटाई गई राशि में से 65 करोड़ रुपये का उपयोग अपना कर्ज कम करने में, 65 करोड़ रुपये का उपयोग कार्यशील पूंजी की जरूरतों के लिए और शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

मनीष अग्रवाल पाबना के मार्केट्स संवाददाता हैं और शेयर बाजार, आईपीओ तथा निवेश के रुझानों पर रिपोर्टिंग करते हैं। सेंसेक्स-निफ्टी की चाल, कंपनियों के नतीजों और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी को वे सहज भाषा में समझाते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि छोटे निवेशक भी बाजार को बेहतर समझ सकें।

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