पंजाब को लंबे इंतजार के बाद मिला स्थायी पुलिस महानिदेशक, गौरव यादव ने संभाली जिम्मेदारी पंजाब 3 घंटे पहले 8
पंजाब में करीब चार साल से चल रहे कार्यवाहक डीजीपी के दौर का अंत हो गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को अब प्रदेश का नियमित पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है।

चार साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म

पंजाब में पुलिस प्रशासन को आखिरकार एक स्थायी मुखिया मिल गया है। वरिष्ठ IPS अधिकारी गौरव यादव को पंजाब का नियमित पुलिस महानिदेशक यानी DGP नियुक्त कर दिया गया है। राज्य सरकार ने UPSC द्वारा भेजे गए तीन नामों के पैनल में से गौरव यादव के नाम पर मुहर लगाई है। गौरतलब है कि पिछले 4 सालों से राज्य में स्थायी डीजीपी का पद खाली था और गौरव यादव ही कार्यवाहक के तौर पर पुलिस बल की कमान संभाल रहे थे। उनकी यह नियुक्ति कम से कम 2 साल के कार्यकाल के लिए की गई है।

जुलाई 2022 से संभाल रहे थे कमान

वर्ष 1992 बैच के IPS अधिकारी गौरव यादव जुलाई 2022 से ही राज्य में कार्यवाहक डीजीपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। UPSC की ओर से जो तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा गया था, उसमें गौरव यादव के अलावा शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू का नाम भी शामिल था। सेवानिवृत्ति की बात करें तो गौरव यादव 30 अप्रैल, 2029 को सेवामुक्त होंगे। वहीं, विजिलेंस ब्यूरो के प्रमुख शरद सत्य चौहान 31 मार्च, 2028 को और हरप्रीत सिंह सिद्धू 31 मई, 2027 को रिटायर होंगे। सिद्धू को हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से उनके मूल कैडर में समय से पहले वापस बुलाया गया था।

हाई कोर्ट के सख्त निर्देश का असर

इस नियुक्ति की प्रक्रिया में देरी होने के कारण मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंच गया था। वकील निखिल थम्मन द्वारा दायर एक जनहित याचिका में राज्य में लंबे समय से चल रही कार्यवाहक व्यवस्था को चुनौती दी गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिए थे कि वह नियमित डीजीपी की नियुक्ति पर तुरंत फैसला ले। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव KAP सिन्हा को 13 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई से पहले अपना अनुपालन हलफनामा जमा करने के लिए भी कहा था, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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