बिहार
2 घंटे पहले
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विचारों
पवित्र सावन महीने में शिव भक्तों की अगाध आस्था और अनूठे रंग चारों ओर बिखरे नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में बिहार के मुंगेर जिले में कच्ची कांवरिया पथ पर एक ऐसा विहंगम और अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आमतौर पर बाबाधाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालु अपने कंधों पर करीब चार से पांच फीट या बहुत अधिक तो सात फीट तक का कांवड़ लेकर चलते हैं। लेकिन इस मार्ग पर श्रद्धा की एक ऐसी विशाल तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर राहगीर अपनी जगह पर ठहर गए। यहां शिव भक्तों का एक दल बेहद विशालकाय 54 फीट लंबा कांवड़ लेकर सुल्तानगंज से देवघर के लिए कूच कर रहा है।
नौ लोग एक साथ उठाते हैं यह विशाल कांवड़
इस बेहद लंबे और भारी कांवड़ को उठाना किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है। इसे संतुलित ढंग से उठाने और आगे बढ़ाने के लिए एक साथ कम से कम नौ कांवरियों की आवश्यकता होती है। इस भव्य यात्रा में शामिल शिवभक्तों के इस पूरे जत्थे में 500 से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हैं। यह पूरा जत्था एक अनुशासित तालमेल के साथ बारी-बारी से इस 54 फीट लंबे कांवड़ को अपने कंधों पर उठाता है और आगे बढ़ता जाता है।
सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर यानी बाबा बैद्यनाथ धाम तक की दूरी कुल 105 किलोमीटर है। इस लंबी और कठिन यात्रा को यह जत्था ढोल, मंजीरे की थाप और बोल बम के गगनभेदी जयघोष के साथ तय कर रहा है। रास्ते में जहां से भी यह विशाल कांवड़ गुजरता है, वहां का पूरा माहौल शिवमय हो जाता है।
पटना सिटी के शिवधारी संघ की अनोखी पहल
इस अद्भुत और भव्य कांवड़ का निर्माण पटना सिटी के श्री श्री विशाल शिवधारी संघ द्वारा किया गया है। इस संघ का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा पूरी करना ही नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज में एकजुटता, भाईचारे और वैश्विक शांति का संदेश प्रसारित करना भी है। इस कांवड़ को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है। इसमें निम्नलिखित खूबियां शामिल हैं:
- कांवड़ को रंग-बिरंगे वस्त्रों और सजावटी सामानों से सजाया गया है।
- इस पर विभिन्न देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
- कांवड़ में लगे घुंघरुओं की रुनझुन आवाज रास्ते में चलने वाले अन्य श्रद्धालुओं को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
इस अनोखे नजारे को देखकर कच्ची कांवरिया पथ पर चलने वाले अन्य लोग भी अभिभूत हैं। बहुत से लोग रुककर इस विशाल कांवड़ की तस्वीरें ले रहे हैं और अपने मोबाइल फोन में इस खूबसूरत क्षण को वीडियो के रूप में कैद कर रहे हैं।
मात्र 48 घंटे में बनकर तैयार हुआ कांवड़
इस विशालकाय संरचना को तैयार करने में लगने वाले समय और मेहनत को लेकर श्रद्धालुओं ने बताया कि इसे महज 48 घंटे के बेहद कम समय में बनाकर तैयार किया गया है। इतनी कम अवधि में इतने भव्य कांवड़ का निर्माण करना अपने आप में शिव भक्तों की अटूट आस्था और संगठित प्रयास का एक बेहतरीन उदाहरण है। शिव भक्तों का मानना है कि जब महादेव के प्रति श्रद्धा सच्ची हो, तो भक्ति का स्वरूप भी इसी तरह असाधारण और भव्य हो जाता है। मुंगेर के पथ पर आगे बढ़ता यह विशाल कांवड़ इस समय हर शिव भक्त के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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