राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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बेंगलुरु की बीईएमएल फैसिलिटी में आकार ले रही देश की पहली बुलेट ट्रेन
भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। देश की पहली बुलेट ट्रेन अब निर्माण इकाई में आकार लेने लगी है। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु स्थित बीईएमएल की आदित्य मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का दौरा किया और वहां बन रही बुलेट ट्रेन के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
तकनीकी मानक और ट्रेन की विशेषताएं
स्वदेशी इंजीनियरिंग और आधुनिक तकनीक के संगम से तैयार हो रही इस बुलेट ट्रेन को बेहद उच्च गति और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। ट्रेन के मुख्य तकनीकी पहलू इस प्रकार हैं:
- डिजाइन स्पीड: इस ट्रेन को 280 kmph की अधिकतम डिजाइन गति के लिए तैयार किया जा रहा है।
- ऑपरेटिंग स्पीड: पटरियों पर इसके परिचालन की रफ्तार 250 kmph रहेगी।
- कोच की संख्या: बुलेट ट्रेन के एक पूरे सेट में कुल 8 कोच शामिल होंगे।
इंटीग्रेटेड कार बॉडी का 'स्क्वीज टेस्ट'
फैक्ट्री में ट्रेन की इंटीग्रेटेड कार बॉडी को सफलतापूर्वक तैयार कर लिया गया है। ट्रेन के ढांचे की मजबूती और सहनशीलता को परखने के लिए इस समय कार बॉडी पर 'स्क्वीज टेस्ट' का अंतिम चरण आयोजित किया जा रहा है। उच्च रफ्तार पर यात्रा के दौरान किसी भी तरह के दबाव या प्रभाव को झेलने के लिए यह परीक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
यात्री सुविधाएं और क्लाइमेट टेस्ट की तैयारी
कार बॉडी के परीक्षण के अलावा ट्रेन के अंदरूनी हिस्सों और सुविधाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। यात्रियों के सुखद और आरामदायक सफर के लिए आधुनिक पैसेंजर सीट और एडवांस HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) सिस्टम फिट किए जा रहे हैं। निर्माण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रेन को अलग-अलग मौसमी परिस्थितियों और तापमान में परखने के लिए क्लाइमेट टेस्ट से भी गुजारा जाएगा।
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