उपनाम: वाराणसी
काशी का ऐतिहासिक रथयात्रा मेला: 2 किलोमीटर से 500 मीटर तक कैसे सिमटी रौनक?
वाराणसी में जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर आयोजित होने वाला ऐतिहासिक रथयात्रा मेला अब अपने दायरे को खोता जा रहा है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के एक हालिया शोध में इसके सिमटने के चौंकाने वाले कारण सामने आए हैं।
NEET परीक्षा में बड़ी धांधली की कोशिश: अंडरगारमेंट्स में सिम और प्रश्नपत्र छुपाकर पहुंचा छात्र
वाराणसी के एक परीक्षा केंद्र पर नीट की दोबारा आयोजित परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को संदिग्ध सामग्री के साथ पकड़ा गया है। छात्र ने अपने अंडरगारमेंट्स में सिम कार्ड, पुराना प्रश्नपत्र और ग्लू छुपा रखा था।
लक्जरी कार जितनी कीमत में बनती है एक बनारसी साड़ी, बॉलीवुड सितारों की भी पसंद
धर्म नगरी काशी में हथकरघे पर तैयार होने वाली खास बनारसी साड़ियों की कीमत कई बार लाखों रुपये तक पहुंच जाती है। चांदी और सोने के तारों के काम वाली इन साड़ियों की मांग बॉलीवुड हस्तियों और बड़े उद्योगपति घरानों में खूब है।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर होगा शूटर जसपाल राणा का अंतिम संस्कार, जानिए इसके पीछे की भावुक वजह
पद्मश्री और दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का अंतिम संस्कार उनकी आखिरी इच्छा के मुताबिक वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। देहरादून से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हो चुकी है और शिष्या मनु भाकर समेत कई हस्तियां अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं।
वाराणसी की मीट-मछली की दुकानें अब शहर से बाहर होंगी, पार्षद गुलशन अली की मांग पर फैसला
वाराणसी नगर निगम ने तय किया है कि शहर के भीतर चल रही मीट, मांस और मछली की दुकानों को सीमा से बाहर शिफ्ट किया जाएगा। नवरात्र तक इन दुकानों को रामनगर, सूजाबाद समेत पाँच इलाकों में भेजने की तैयारी है।
वाराणसी: काशी में इस दिन 'बीमार' होते हैं भगवान जगन्नाथ, 236 वर्ष पुरानी अनोखी परंपरा का पूरा इतिहास जानिए
वाराणसी के अस्सी क्षेत्र में स्थित भगवान जगन्नाथ के प्राचीन मंदिर में हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा को अधिक स्नान के बाद भगवान 'बीमार' होकर 14 दिन एकांतवास में रहते हैं। यह परंपरा 236 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है।
वाराणसी: गंगा के रेत के टीलों पर बाइक स्टंट का जानलेवा खेल, युवाओं की मस्ती बनी खतरे की वजह, प्रशासन बेखबर
वाराणसी में गर्मी के कारण गंगा में उभरे रेत के टीलों पर युवा जान जोखिम में डालकर बाइक से खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। बीते करीब पांच दिनों से रोज शाम यह नजारा दिख रहा है, लेकिन पुलिस-प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही।