उपनाम: देहरादून
लाक्षागृह से बचकर पांडव पहुंचे थे उत्तराखंड की इस नगरी में, आज है शानदार पर्यटन स्थल
महाभारत काल में चकराता को 'चक्रनगरी' या 'एकचक्र' कहा जाता था, जहां लाक्षागृह की साजिश से बचकर पांडवों ने अज्ञातवास का करीब एक महीना बिताया था। आज यह स्थान एक खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन के रूप में पहचाना जाता है।
निशानेबाज जसपाल राणा का निधन: उत्तराखंड की माटी से निकला वह सपूत जिसने देश को दिलाए पदक
एशियाई खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता और मशहूर पिस्टल कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे खेल जगत ने इस क्षति पर शोक जताया।
इतिहास के पन्नों में दर्ज होंगी IMA की पहली महिला कैडेट्स, पुरुष साथियों संग बनेंगी लेफ्टिनेंट
13 जून को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में पहली बार एनडीए से प्रशिक्षित महिला कैडेट्स भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करेंगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी मौजूद रहेंगी।
देहरादून की सड़कों से क्यों ओझल हुआ पहाड़ों का 'लाल सोना' काफल, लोगों ने कहा- यह तो हमारी आत्मा था
गर्मियों में देहरादून की सड़कों पर टोकरियों में सजने वाला चटख लाल काफल इस बार ढूंढने पर भी नहीं मिल रहा। स्थानीय लोग इसे उत्तराखंड की पहचान और बचपन की यादों से जोड़ते हैं।
देहरादून: बिना सरकारी मदद, जेबखर्च बचाकर नदियों को जिंदा कर रहे 'मेड' संस्था के युवा
देहरादून के युवाओं की संस्था 'मेड' बिना किसी सरकारी बजट के रिस्पना, बिंदाल और तमसा नदियों की सफाई में जुटी है। विश्व पर्यावरण दिवस पर इनका यह मूक प्रयास शहर के लिए मिसाल बन गया है।
देहरादून जाएं तो राजपुर रोड का 'मटन खरोड़ा' जरूर चखें, 35 साल पुराना है पहाड़ी जायके का यह ठिकाना
देहरादून के राजपुर रोड पर घंटाघर के पास बीते 35 सालों से तैयार हो रहा पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन 'मटन खरोड़ा' नॉन-वेज प्रेमियों की पहली पसंद बन चुका है। महज 150 रुपये में मिलने वाला यह जायका स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
देश का 'वॉटर टावर' कहलाने वाले उत्तराखंड की राजधानी में पानी की किल्लत, देहरादूनवासी बोले- जमाना बदल गया
जिस उत्तराखंड को देश का 'वॉटर टावर' कहा जाता है, उसी की राजधानी देहरादून से प्राकृतिक जल स्रोत लगभग गायब हो गए हैं और अब एक घूंट पानी के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ती है।
उत्तरकाशी के दो जिगरी दोस्त बने उप शिक्षा अधिकारी, जानिए आशुतोष और आयुष की कामयाबी की कहानी
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा में उत्तरकाशी के दो दोस्त आयुष बंधानी और आशुतोष राणा उप शिक्षा अधिकारी पद पर चयनित हुए हैं। पहाड़ की कठिनाइयों के बीच पले-बढ़े इन युवाओं ने सच्ची दोस्ती और मेहनत की मिसाल पेश की है।
ससुराल में 10 महीने टॉयलेट में कैद रही विवाहिता, खाने को मिलते रहे प्याज-मिर्च और चावल, सेना से रिटायर पिता ने छुड़ाया
देहरादून के सेलाकुई इलाके में एक विवाहिता को उसके ससुराल वालों ने 10 महीने तक टॉयलेट में बंद रखा और खाने में सिर्फ प्याज, मिर्च और चावल दिए। सेना से सेवानिवृत्त उसके पिता ने बेटी को इस यातना से छुड़ाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।