उपनाम: संसद मार्च
पुलिसकर्मियों के परिजनों के सवालों से किनारा करते दिखे राहुल गांधी, पत्रकार पर ही मढ़ दिया बीजेपी का होने का आरोप
दिल्ली में घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी और उल्टे सवाल पूछने वाले पर ही बीजेपी का समर्थक होने का आरोप लगा दिया।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान उपद्रव: सांसद चंद्रशेखर आजाद पर गंभीर आरोप, पुलिसकर्मियों पर हुआ जानलेवा हमला
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। इस मामले में सांसद चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगे हैं।
दिल्ली संसद मार्च हिंसा: पुलिस जांच के दायरे में आए कई WhatsApp ग्रुप, 118 जवान घायल
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच तेज कर दी है। इस मामले में 250 से अधिक वीडियो फुटेज की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और हिंसा के पीछे की गहरी साजिश का पता लगाया जा रहा है।
संसद मार्च के बाद क्या खत्म हो गया विरोध प्रदर्शन? कॉफी पर कुरुक्षेत्र में विस्तृत मंथन
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और संसद मार्च के बाद आंदोलन का भविष्य क्या होगा, इस पर कॉफी पर कुरुक्षेत्र कार्यक्रम में गहन चर्चा की गई। बैठक में प्रदर्शनकारियों की तीन प्रमुख मांगों और सरकार के रुख को लेकर विस्तार से बात हुई।
दिल्ली: संसद मार्च के दौरान RPF और प्रदर्शनकारियों में भिड़ंत, इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रविवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है।
संसद मार्च का ऐलान: जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात, सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के लिए रखीं चार शर्तें
दिल्ली में संसद के मॉनसून सत्र के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने शर्तें रखी हैं।
सुशांत सिन्हा: कॉकरोच पार्टी के मंच पर केजरीवाल की एंट्री, क्या सोनम वांगचुक का आंदोलन बनेगा नया अन्ना आंदोलन
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन के 19वें दिन अरविंद केजरीवाल के पहुंचने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्ष के तमाम नेताओं के जमावड़े के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह आंदोलन केवल राजनीतिक सीढ़ी बनेगा या इसका कोई ठोस निष्कर्ष निकलेगा।