संसद मार्च का ऐलान: जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात, सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के लिए रखीं चार शर्तें भारत एक महीने पहले 46
दिल्ली में संसद के मॉनसून सत्र के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने शर्तें रखी हैं।

संसद मार्च को लेकर दिल्ली छावनी में तब्दील

संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसमें मोदी सरकार वंदे मातरम् से संबंधित विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण बिल पेश करने की योजना बना रही है। सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की संभावनाओं के बीच पूरे देश की निगाहें दिल्ली के जंतर-मंतर पर टिकी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा घोषित संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जंतर-मंतर से संसद भवन तक जाने वाले रास्तों पर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है और जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है।

10 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती

जंतर-मंतर पर स्थिति तनावपूर्ण है, जहां पांच से छह हजार प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। इन्हें नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कुल 10 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। सुरक्षाबलों के पास आंसू गैस के गोले, लाठी और वज्र जैसे वाहन मौजूद हैं। नई दिल्ली क्षेत्र में BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत जंतर-मंतर को छोड़कर अन्य कहीं भी पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने पर पाबंदी है। दिल्ली पुलिस ने आम जनता से कानून व्यवस्था बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को किसी भी हाल में संसद तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। उन्हें अधिकतम केरल भवन तक ही जाने की अनुमति मिल सकती है। फिलहाल दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही इसे मंजूरी दी गई है।

सोनम वांगचुक की चार शर्तें

इस बीच, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए सरकार के समक्ष चार शर्तें रखी हैं। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल में स्वयं को गैर-कानूनी तरीके से नजरबंद रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से एक पत्र साझा करते हुए अपनी बात कही है। सोनम वांगचुक की शर्तें निम्नलिखित हैं:

  • सरकार को देश की शिक्षा व्यवस्था में आई हालिया विफलताओं और पेपर लीक जैसे मामलों की पूर्ण जिम्मेदारी लेनी होगी।
  • सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व को संसद तक जाने की अनुमति दी जाए।
  • विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता वहां पहुंचकर यह आश्वासन दें कि वे इस मुद्दे को संसद के पटल पर पुरजोर तरीके से उठाएंगे।
  • यदि स्वास्थ्य संबंधी कारणों या अन्य परिस्थितियों के चलते यह संभव न हो, तो विभिन्न दलों के सांसद अस्पताल में आकर इन मांगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएं।

मेट्रो सेवाओं पर असर

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सोमवार को कई स्टेशनों को बंद रखने का निर्णय लिया है। डीएमआरसी ने एक सूचना में स्पष्ट किया कि जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे। पार्लियामेंट स्ट्रीट रोड को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां मीडिया या प्रदर्शनकारियों के प्रवेश पर सख्त रोक लगा दी गई है। जंतर-मंतर को चारों तरफ से बैरिकेड्स से घेर लिया गया है, जिसे तोड़ना फिलहाल प्रदर्शनकारियों के लिए असंभव नजर आ रहा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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