उपनाम: सामाजिक बदलाव
भारत में बदल रही है शादियों की तस्वीर, आखिर क्यों विवाह के बंधन से दूरी बना रही हैं युवतियां?
भारत में शादी को सात जन्मों का पवित्र रिश्ता माना जाता है, लेकिन हालिया सर्वेक्षणों के आंकड़े बताते हैं कि अब बड़ी संख्या में महिलाएं विवाह से किनारा कर रही हैं। सामाजिक बंधनों और व्यक्तिगत आजादी की चाहत के बीच यह बड़ा बदलाव क्यों आ रहा है, जानिए इसकी वजह...
नई पीढ़ी की मानसिकता पर बोले मोहन भागवत, 'Gen-Z बिना सोचे-समझे करते हैं नकल'
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान आज की पीढ़ी और विवाह संस्था पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने सह-जीवन के चलन पर चिंता जताते हुए परिवार में संवाद की जरूरत पर जोर दिया।
मुजफ्फरपुर में बेटियों ने पेश की मिसाल: भारी विरोध के बावजूद तीन बहनों ने दिया पिता की अर्थी को कंधा, सबसे छोटी बेटी ने दी मुखाग्नि
बिहार के मुजफ्फरपुर में बेटा न होने पर तीन बेटियों ने पुरानी सामाजिक परंपराओं को तोड़ते हुए न केवल अपने दिवंगत पिता की अर्थी को कंधा दिया, बल्कि विरोधियों का सामना करते हुए अंतिम संस्कार भी संपन्न कराया।
यमन में विदेशी पुरुषों से शादी का नया ट्रेंड: लड़कियों के लिए आर्थिक आजादी या बर्बादी का रास्ता?
युद्धग्रस्त यमन में गरीबी और बदहाली से बचने के लिए युवतियां अमीर विदेशी पुरुषों से शादी को अपना सहारा मान रही हैं। हालांकि, कई मामलों में यह फैसला खुशहाली के बजाय नई मुसीबतों का सबब बन रहा है।