उपनाम: सुल्तानपुर
यूपी पुलिस का कारनामा: घर पर खड़े ट्रैक्टर का कटा 'बिना हेलमेट' का चालान
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक किसान के साथ अजीबो-गरीब वाकया हुआ है, जहाँ उनके घर पर खड़े ट्रैक्टर का ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट गाड़ी चलाने का चालान काट दिया।
सुल्तानपुर का वह क्रांतिकारी, जिसने अमहट जेल से बदल दी आजादी की जंग की दिशा
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में भगत सिंह के सहयोगी गया प्रसाद और स्थानीय क्रांतिकारियों का आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान रहा है। अमहट जेल से शुरू हुआ उनका संघर्ष इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
सुल्तानपुर आजाद वर्मा हत्याकांड: एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन, 36 घंटे से नहीं हुआ अंतिम संस्कार, बढ़ा सियासी पारा
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में आजाद वर्मा की हत्या के बाद भारी बवाल मचा हुआ है। परिजन आरोपियों के एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर शव के साथ धरने पर बैठे हैं।
सुल्तानपुर में साल 1921 में हुई थी जिला कांग्रेस कमेटी की स्थापना, बाबू गणपत सहाय बने थे पहले अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में स्वतंत्रता आंदोलन की अलख जगाने में साल 1921 में गठित जिला कांग्रेस कमेटी की भूमिका ऐतिहासिक रही है। इस कमेटी के पहले अध्यक्ष के रूप में बाबू गणपत सहाय ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी।
संजय गांधी से मेनका गांधी तक: सुल्तानपुर के साथ गांधी परिवार का दशकों पुराना राजनीतिक सफर
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का गांधी परिवार के साथ एक बेहद गहरा और दिलचस्प राजनीतिक इतिहास रहा है। आइए जानते हैं कि मोतीलाल नेहरू के दौर से शुरू होकर मेनका गांधी तक यह रिश्ता कैसे आगे बढ़ा।
सुल्तानपुर के 5 प्रगतिशील किसान, जिन्होंने केले की खेती से बदली अपनी किस्मत
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के पांच किसानों ने धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों का मोह छोड़कर केले की व्यावसायिक खेती अपनाई है, जिससे वे लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं।
सुल्तानपुर का अनमोल धरोहर: हरीपुर बनवा गांव में 11वीं शताब्दी की प्राचीन शिव मूर्ति और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में स्थित हरीपुर बनवा गांव एक प्राचीन शिव मंदिर का केंद्र है, जहाँ 11वीं शताब्दी की नक्काशी वाली मूर्ति की लोग श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं।
सुल्तानपुर की बेटी आर्या कसौधन का कमाल, पेंटिंग की कला से कमा रही हैं नाम और दाम
सुल्तानपुर की रहने वाली आर्या कसौधन ने अपनी बहन से प्रेरित होकर चित्रकारी के क्षेत्र में बड़ा नाम बनाया है। आज वह ऑनलाइन पेंटिंग्स बेचकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और कई पुरस्कार भी जीत चुकी हैं।
सुल्तानपुर में बिछेगी ₹1.31 करोड़ की नई पाइपलाइन, 10 हजार से अधिक लोगों को गंदे पानी और लीकेज से मिलेगी राहत
सुल्तानपुर नगर पालिका परिषद गोलाघाट से अमहट तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए ₹1.31 करोड़ से अधिक की लागत से नई पाइपलाइन बिछाएगी, जिससे सीधे तौर पर 10 हजार से ज्यादा लोगों को फायदा होगा।
कोटा: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अनियंत्रित कार अंडरपास में गिरी, 4 वर्षीय बच्चे की मौत, तीन घायल
कोटा के सुल्तानपुर क्षेत्र में मेंहदी माइनर के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर रविवार शाम कार अनियंत्रित होकर अंडरपास में जा गिरी। हादसे में 4 वर्षीय बच्चे की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
गांव की बुजुर्ग महिलाएं बनाती थीं हाथ का पंखा 'बेना', बिजली गुल होने पर आज भी बनता है सहारा
करीब 30 साल पहले गांव की लड़कियां और महिलाएं फटी बोरी और गेहूं के डंठल से हाथ का पंखा यानी बेना तैयार करती थीं, जो बिजली कटने पर आज भी ग्रामीण इलाकों में काम आता है।
लालटेन की रोशनी में पढ़कर बने अफसर, आज खुद इतिहास बनने की कगार पर वही विरासत
कभी गांवों में पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी का सहारा रही लालटेन अब बिजली और सोलर लाइट के दौर में लगभग विलुप्त हो चली है। बुजुर्ग बताते हैं कि इसी रोशनी में पढ़कर कई लोग आज बड़े पदों पर पहुंचे हैं।
सुल्तानपुर का 160 साल पुराना नीम का पेड़, छाल पर उभरी अनोखी आकृति बनी आस्था का केंद्र
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के लोहरा मऊ गांव में करीब 160 साल पुराना एक नीम का पेड़ श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है, जिसकी छाल पर बनी अद्भुत आकृति और गर्मियों में दोपहर के समय दिखने वाली चींटियों की कतारें लोगों के आकर्षण का कारण हैं।
सुल्तानपुर के 12 वर्षीय अथर्व अग्रहरि का कमाल, तमिलनाडु में ब्रॉन्ज और मेरठ-बनारस में जीता गोल्ड, नेशनल खेलने का सपना
सुल्तानपुर के 12 वर्षीय अथर्व अग्रहरि ने ताइक्वांडो में तमिलनाडु में ब्रॉन्ज तथा मेरठ और बनारस में गोल्ड मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। पिछले 4 वर्षों से इस खेल में सक्रिय अथर्व अब राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का सपना देख रहे हैं।
क्रांतिकारियों में जोश भरने वाला खंडकाव्य 'पथिक', जानिए पंडित रामनरेश त्रिपाठी का सुल्तानपुर से नाता
पंडित रामनरेश त्रिपाठी की रचना 'पथिक' ने आजादी की लड़ाई में क्रांतिकारियों के भीतर अदम्य उत्साह भरा। इस महान साहित्यकार का जन्म सुल्तानपुर जिले के कोइरीपुर गांव में हुआ था।