उपनाम: रक्षा उत्पादन
रक्षा से परमाणु शक्ति तक: भारत की बदलती रणनीति देख पड़ोसी देशों में क्यों मचा है हड़कंप?
भारत अब रक्षा विनिर्माण, अंतरिक्ष तकनीक और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, उसने वैश्विक पटल पर नई बहस छेड़ दी है। सीमा पर हो रहे युद्धाभ्यास से लेकर बेल्जियम के साथ हुए बड़े रक्षा सौदों तक, भारत की यह तैयारी भविष्य के महाशक्ति बन...
खगांतक-243 के परिवार में शामिल हैं चार घातक हथियार, 300 किलो से लेकर 1350 किलो तक मचाएंगे तबाही
भारतीय वायुसेना ने हाल ही में स्वदेशी लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम खगांतक-243 का सफल परीक्षण किया है, जो निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है।
रक्षा क्षेत्र में भारत का बड़ा कदम, अगले 10 साल का डिफेंस ब्लूप्रिंट जारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की आगामी 10 वर्षों की रक्षा कूटनीति का खाका पेश किया है, जिसका लक्ष्य वैश्विक स्तर पर देश की सुरक्षा साख को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। 'रक्षा' नामक यह दस्तावेज हिंद महासागर से लेकर विदेशी साझेदारियों तक भारत के दबदबे को और...
राफेल लड़ाकू विमानों की डील से भारतीय वायुसेना को मिली नई ताकत, दुश्मनों की बढ़ी टेंशन
भारत अपनी हवाई ताकत को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, जिसमें राफेल फाइटर जेट एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहे हैं।
ब्रिक्स में पीएम मोदी की कूटनीति से बैकफुट पर ट्रंप, चीन भी भारत से हाथ मिलाने को तैयार
वैश्विक राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच भारत का कद तेजी से बढ़ा है। ब्रिक्स मंच का उपयोग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूटनीतिक संतुलन साधे रखा है, जिससे चीन जैसे देश भी अब भारत के साथ सहयोग की राह तलाश रहे हैं।
हथियारों के आयात के बराबर पहुंचा भारत का स्वदेशी रक्षा उत्पादन, अब सीमा की सुरक्षा के लिए दूसरों का मोहताज नहीं देश
इस साल भारत ने सेनाओं के लिए नए हथियारों की खरीद का बजट ₹1.85 लाख करोड़ तय किया है, जबकि घरेलू रक्षा उत्पादन भी ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि देश अब अपनी सैन्य जरूरतों के लगभग बराबर साजो-सामान खुद अपनी धरती पर तैयार कर...
रक्षा उत्पादन में भारत की नई छलांग, आंकड़ा ₹1.78 लाख करोड़ के पार
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंच गया, जबकि रक्षा निर्यात भी 38,424 करोड़ रुपये के सर्वोच्च स्तर पर जा पहुंचा।
मेड इन इंडिया C-295 विमान ने भरी पहली उड़ान, रक्षा उत्पादन में भारत ने रचा नया इतिहास
गुजरात के वडोदरा संयंत्र में निर्मित पहले एयरबस C-295 सैन्य परिवहन विमान ने अपनी पहली परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, जो मेक इन इंडिया और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।